दरभंगा । सामाजिक कार्यकर्ता विवेक कुमार गुप्ता दरभंगा विधि महाविद्यालय के विरूद्ध जनहित याचिका सिविल रीट नंबर 9338/2021 दायर किया था । जिसमे दरभंगा विधि महाविद्यालय के कई महत्वपूर्ण समस्याओं के निदान हेतु गुहार लगाई थी । उक्त मामले में पटना हाइकोर्ट ने राज्य के सभी सरकारी व निजी 27 लॉ कॉलेजो कि सबद्धता के मामले में सुनवाई की । चीफ जस्टिस संजय करोल की खंड पीठ ने सभी लॉ कॉलेज को निर्देश दिया की बार काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष एक सप्ताह में निरीक्षण के लिए आवेदन देंगे । बार काउंसिल कॉलेजों का वर्चुअल या फिजिकल निरीक्षण करेगी । निरीक्षण रिपोर्ट बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संबंधित कमिटी के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी । यह कमिटी इनकी रिपोर्ट पर निर्णय लेगी । बार काउंसिल यह देखेगी की विधि शिक्षा , 2008 के नियमों का पालन शिक्षण संस्थानों में किया जा रहा है या नही । इन कॉलेजों को फिर से चालू करने की अस्थायी अनुमति देते हुए नियमो में ढील नही दी जायेगी । उच्च न्यायालय पटना ने विकी कौशल बनाम बिहार सरकार के वाद में अस्थायी रुप से बिहार के 27 विधि महाविद्यालय में नामांकन पर रोक लगा दी गई थी।उसी पर विवेक कुमार गुप्ता ने भी जनहित याचिका दायर की और उनका कहना यह हैं कि यह सरकार का काम है कि विधि महाविद्यालयों की संबद्धता कैसे बचेगी और बिहार के गरीब छात्र विधि की शिक्षा कैसे प्राप्त करेंगे। यदि बिहार सरकार बार काउंसिल की सभी मानकों को महाविद्यालयों में लागू कर देती हैं तो संबद्धता बचने की उम्मीद रहेगी।