लोग जब तक नही होंगे जागरूक तब तक  खत्म नही होगा फाइलेरिया : -सी.एस.

लोग जब तक नही होंगे जागरूक तब तक  खत्म नही होगा फाइलेरिया : -सी.एस.

 

 

 

दरभंगा। लोगों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखने और बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 07 जुलाई से जिले में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए – आईडीए) का आयोजन किया जा रहा है।
उक्त कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा सेंटर फोर एडवोकेसी एण्ड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से  टी.बी.डी.सी सभागार में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सभी मीडिया कर्मियों से मीडिया के माध्यम से लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने और सरकार द्वारा चलाए जा रहे  सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई।

फाइलेरिया के प्रति जागरूकता जरूरी

कार्यक्रम में डीएमओ डॉ जे.पी महतो ने बताया फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला एक गंभीर संक्रामक बीमारी है जिसे आमतौर पर हाथीपांव भी कहा जाता है।
कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया के प्रमुख लक्षण हाथ और पैर या हाइड्रोसिल (अण्डकोष) में सूजन का होना होता है।
प्रारंभिक अवस्था में इसकी पुष्टि होने के बाद जरूरी दवा सेवन से इसे रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। लोगों को फाइलेरिया के लिए जागरूक करने में मीडिया की सशक्त भूमिका होती है।
07 जुलाई  से सरकार द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें आशा व आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा घर-घर जाकर मुफ्त दवा खिलायी जाएगी। लोगों को इस कार्यक्रम में भाग लेकर स्वयं और अपने परिवार को फाइलेरिया से सुरक्षित करना चाहिए।

जिले में 48.94 लाख लोगों को खिलाई जाएगी डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा

डब्ल्यूएचओ की जोनल को-ऑर्डिनेटर डॉ दिलीप ने बताया कि लोगों को फाइलेरिया संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए 07 जुलाई से आशा व आंगनबाड़ी सेविका द्वारा लोगों को घर-घर जाकर अपनी उपस्थिति में डीईसी, आइवरमेकटीन और अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी।
एमडीए कार्यक्रम के दौरान जिले में 48 लाख 94 हजार 38 लोगों को यह दवा खिलाने की योजना है। उन्होंने बताया 02 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों के अलावा सभी लोगों को दवा खिलाई जानी है। जिसके लिए 47 लाख 74  हजार 170 एल्बेंडाजोल, 1 करोड़ 1 लाख 32  हजार 735 आइवर मेकटीन एवं 1 करोड़ 19 लाख 570 हजार 757 डीईसी की दवा उपलब्ध कराई गई है।

इस प्रकार करना है फाइलेरिया उन्मूलन दवा का सेवन

केयर इंडिया डीपीओ धीरज कुमार ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में 02 वर्ष से 05 वर्ष के बच्चों को डीईसी तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली, 06 वर्ष से 14 वर्ष तक के लोगों को डीईसी की दो तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। लोगों द्वारा अल्बेंडाजोल का सेवन आशा की उपस्थिति में चबाकर किया जाना है। 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को कोई दवा नहीं खिलायी  जानी है। कार्यक्रम में छूटे हुए घरों में आशा कर्मियों द्वारा पुनः भ्रमण कर दवा खिलाई जाएगी।

ध्यान रखने योग्य जानकारी

– खाली पेट दवा का सेवन नहीं किया जाना है।

– दवा स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही खाना जरूरी है।

– अल्बेंडाजोल की गोली चबाकर खाई जानी है।

– फाइलेरिया से सुरक्षित रहने के लिए अपने घरों के आसपास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें।

– सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

कार्यक्रम में उपस्थित उप निदेशक जन संपर्क, दरभंगा प्रमंडल नागेंद्र कुमार गुप्ता ने जिले के लोगों से अपील की कि फाइलेरिया उन्मूलन हेतु दी जा रही दवा का वर्ष में एक बार निश्चित रूप से सेवन करें। साल में एक बार सेवन करने से आप फाइलेरिया जैसी बीमारी से चिंतामुक्त हो जाते हैं। यह बीमारी यदि एक बार हो जाए तो फिर सामान्य जीवन हमेशा के लिए बाधित हो जाता है। इसलिए सभी, जो योग्य हैं, निश्चित रूप से इस दवा का सेवन करें।

मीडिया कार्यशाला में  जोनल को-ऑर्डिनेटर डब्ल्यू.एच.ओ डॉ. दिलीप कुमार ,पीसीआई के जिला को-ऑर्डिनेटर अमित कुमार,केयर इंडिया डीपीओ धीरज कुमार, सीफार प्रमंडलीय समन्वयक-कार्यक्रम अमन कुमार, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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