दरभंगा । पिछले 3 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से बेनीपुर अनुमंडल क्षेत्र में जनजीवन अस्तव्यस्त बना हुआ है । सभी सड़क नाला नाली खेत खलिहान में जल प्लवन की स्थिति उत्पन्न हो गई है । खासकर नगर परिषद क्षेत्र अवस्थित अनुमंडल कार्यालय परिसर अवस्थित आधे दर्जन बिहार सरकार के कार्यालय तक पहुंचना दूभर कार्य बना हुआ है । साथ ही प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में घुटनों तक पानी जमा हुआ है ।जिससे कई दिनों तक कार्यालय पहुंचना लोगों के लिए तो दूर की बात रही सरकारी कर्मियों के लिए भी आसान नहीं है । बताते चलें कि वैसे तो सावन माह से लेकर अक्टूबर माह तक प्रतिवर्ष वर्षा का पानी एवं बाढ़ से जलजमाव की स्थिति झेलना पड़ता है । लेकिन खासकर इस वर्ष अप्रैल महीने से ही चक्रवाती तूफान से लेकर वर्तमान चित्रा नक्षत्र तक जलजमाव से जन जीवन अस्तव्यस्त बना हुआ है । खासकर अनुमंडल कार्यालय में जलजमाव का कारण अतिक्रमण मुख्य रूप से माना जा रहा है । वर्ष 2019 में भी अनुमंडल के आवासीय परिसर से कई दिनों तक पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाला गया था। उसके बाद पदाधिकारियों ने चैन की सांस ली थी । कमोबेश वर्तमान समय में भी अनुमंडल कार्यालय परिसर अवस्थित अन्य कार्यालय एवं आवासीय परिसर की वही स्थिति बनी हुई है । जबकि अगस्त माह में झंडोत्तोलन को लेकर भी नगर परिषद द्वारा परिसर से जल निकासी कर झंडोत्तोलन की रस्म अदायगी की गई थी । ज्ञात हो कि दरभंगा- बिरौल पथ में पथ निर्माण विभाग के उत्तरी भाग में आशापुर टावर चौक से धेरुख कमला नदी तक बने कच्चा नाला को अतिक्रमण कर घर बना लिए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई जिससे कि जल निकासी का कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया । वर्ष 2019 में तत्कालीन विधायक सुनील चौधरी के पहल पर पथ निर्माण विभाग द्वारा आशापुर टावर चौक से धेरुख कमला नदी तक जल निकासी के लिए पक्का नाला की स्वीकृति देने की कार्रवाई प्रारंभ हुई थी जिसे वर्तमान वर्ष में भी वर्तमान विधायक विनय चौधरी के पहल पर पथ निर्माण विभाग द्वारा प्राक्कलन बनाकर स्वीकृत के लिए भेजी गई लेकिन अभी तक इसका कोई ठोस निदान नहीं किया जा सका । फलत जल निकासी का स्थाई समाधान नहीं हो सकी है जिससे कि वर्तमान समय में अनुमंडल कार्यालय पर जल प्लावन की स्थिति बनी हुई है । इस संबंध में पूछने पर अनुमंडल पदाधिकारी शंभू नाथ झा ने बताया कि पिछले 3 दिनों से काफी बारिश हो रही है बारिश रुकने के बाद ही जल निकासी का कोई उपाय सोचा जा सकता है और इसका स्थाई निदान निश्चित रूप से किया जाना आवश्यक है ।