बाहर से दवा नहीं लाने पर मरीज को किया दरभंगा रेफर, बहेड़ी के पीएचसी का मामला, दवा के नाम पर हो रहा गोरखधंधा

दरभंगा । सरकारी अस्पतालों में दवा की आपूर्ति के बावजूद चिकित्सक बाहर से दवा लाने को मरीज पर दवाब डालते हैं। ऐसी शिकायत अक्सर आती है। इसी तरह का मामला बहेड़ी पीएचसी से सामने आया है।

मोहम्मद शमीम नामक व्यक्ति ने 17 अक्टूबर की शाम 7:30 बजे अपने परिजन मरीज जेनब परवीन को पीएचसी बहेड़ी में भर्ती करवाया। मरीज के भर्ती होते ही डॉक्टर के द्वारा एक सादे कागज पर दवा की पर्ची थमा दी गई। कहा गया कि बाज़ार से दवा ले आओ। तब मरीज के परिजन ने डॉक्टर से मिन्नत की कि पीएचसी से ही दवा दे दें।

परिजन द्वारा याद दिलाया गया कि सरकार दवा मुहैया करवाती है। सवाल सुनते ही डॉक्टर ने कहा कि दवा बाहर से लाना है तो ले आओ हमसे सवाल मत पूछो ।

जब परिजन ने कहा अस्पताल के पर्ची पर दवा लिखकर दीजिए तो बाहर से ले आऊंगा। लेकिन डॉक्टर द्वारा अस्पताल के पर्ची पर दवा लिखकर नहीं दिया गया ।

परिजन ने तब इसकी जानकारी पीएचसी प्रभारी को देनी चाही लेकिन पीएचसी प्रभारी द्वारा फोन नहीं उठाया गया।

परिजन ने बताया कि उन्होंने तब सिविल सर्जन दरभंगा को फोन पर सारा मामला बताया। फोन पर सिविल सर्जन द्वारा मुझे डॉक्टर से बात कराने को कहा गया। मैंने डॉक्टर से बात भी कराया ।

बात करने के बाद डॉक्टर नरेंद्र कुमार आर्य ने कहा कि आपने सिविल सर्जन से शिकायत कर अच्छा नहीं किया। उसके कुछ समय बाद उनके मरीज को डीएमसीएच रेफर कर दिया।

परिजन ने फिर इसकी जानकारी सिविल सर्जन दरभंगा को दिया। लेकिन सिविल सर्जन दरभंगा द्वारा डॉक्टर नरेंद्र कुमार आर्या को कुछ नहीं कहा।

हार कर परिजन ने मरीज को वहीं निजी अस्पताल में भर्ती कराया।मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मो.समीम ने सिविल सर्जन दरभंगा के व्हाट्सएप पर आबेदन दिया है। आहत परिजन मो समीम ने मंगलवार को मेल के माध्यम से सम्पूर्ण वाकया से डीएम दरभंगा को अवगत कराया है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *