चक्रवाती तूफान के साथ हुई तेज बारिश ने धान की फसल को किया बर्बाद,गेहूँ की बुआई में भी होगी देरी

दरभंगा।बेनीपुर प्रखण्ड क्षेत्र में बाढ़ सुखाड़ की दोहरी मार झेल रहे किसानों के समक्ष इस चक्रवाती तूफान ने रही सही कसर पूरा कर दी है खरीफ मौसम के साथ-साथ रब्बी फसल की आसा भी क्षीण परने लगी है । ज्ञात हो कि अनुमंडल क्षेत्र में कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार कूल8500 हेक्टेयर में खरीफ फसल का आच्छादन किया गया था । जिसका स्तर फीसदी से अधिक फसल को बाढ़ ने अपने आगोश में ले कर डुबो दिया था । लेकिन बाढ़ का पानी हटने के बाद किसानों ने अन्य क्षेत्रों से विचड़ा एवं खरुहन मंगाकर जैसे तैसे खेत में फसल लगाया था । जिसमें दाना बाली निकलकर पकने की स्थति में था। लेकिन गत सोमवार की रात चक्रवाती तूफान के साथ हुई तेज बारिश ने उक्त धान की फसल को जमींदोज कर दिया है जिससे धान की फसल तो पूर्णता बर्बाद ही हो चुकी है अब आगे स समय रब्बी का फसल की बुवाई भी असंभव प्रतीत हो रही है ।क्योंकि अब तिलहन और दलहन की फसल बुवाई में चंद दिन शेष बचे हुए हैं । जबकि खेतों में तीन इंच से लेकर 1 फीट तक पानी का जलजमाव हो गया है ।साथ ही पूर्व से लगाए गए अरहर की फसल पूर्णता सुख कर समाप्त होने की प्रबल संभावना है । किसानों के समक्ष पिछले कई वर्ष से बाढ़ और सूखाड़ स्थाई समस्या बनकर रह गई है । वर्ष भी 2018-19 में भीषण सूखा से किसान त्राहिमाम करते रहे तो वर्ष 2019 -20 एवं 21 में प्रलयंकारी बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है । सर्वप्रथम गरमा मूंग की फसल और धान के बीज को यास तूफान ने अपने साथ लाई भीषण तबाही में डुबोकर रख दिया था ।जिसका सरकार द्वारा घोषित फसल क्षति मुआवजा के लिए लोग अभी तक सरकार की ओर टकटकी लगाए हुए हैं । उसके बाद आई प्रलयंकारी बाढ़ ने किसानों का कमर तोड़ कर रख दिया लेकिन इस त्योहारी सीजन और करोना काल से लेकर चुनावी बयार में जैसे किसानों की समस्या दब कर रह गई है ।फलता किसान फसल छति मुआवजा से भी लगातार वंचित हो रहे हैं । इस संबंध में पूछने पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी नकुल प्रसाद बताते हैं कि बाढ़ से खरीफ फसल हुई नुकसान का प्रतिवेदन भेजी गई थी जिसका पुन जांच कर प्रतिवेदन भेजने का निर्देश प्राप्त हुआ है । किसानों को उचित मुआवजा की भुगतान की जाएगी ।

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