मधुबनी: भारत नेपाल सीमा पर तैनात 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल हरिने कैम्प के एसएसबी जवानों ने बाल श्रम के लिए ले जा रहे आठ नाबालिग किशोर समेत एक आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रीम कार्रवाई हेतू हरलाखी थाना पुलिस के हवाले कर दिया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान नेपाल धनुषा जिला अंतर्गत धनौजी गांव वार्ड छह निवासी जीवछ ठाकुर के रूप में किया गया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार उप निरीक्षक प्रोस्पेरो नर्जारी के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी गुलाम हैदर व आरक्षी सामान्य अभिनव ज्योति ज्वाला दोनों संयुक्त रूप से इंडो नेपाल बोर्डर स्थित हरिने चेक पोस्ट पर ड्यूटी पर तैनात थे. इसी क्रम में नेपाल से 15 की संख्या में बालक की समूह को आते देख एसएसबी ने रोककर पूछताछ की. जहां पूछताछ के क्रम में बच्चों के द्वारा संदेहास्पद जवाब मिलने पर सभी को पकड़कर हरिने कैम्प ले जाया गया. उसके बाद एसएसबी के द्वारा प्राप्त सूचना पर विभागीय राजपत्रित पदाधिकारी विशाल राज व चाइल्डलाइन सब स्टेशन जयनगर से सविता कुमारी, पप्पू कुमार, सर्वो प्रयास संस्थान मधुबनी से विजय कुमार समेत हरलाखी थाना की पुलिस हरिने कैम्प पहुंची. जहां गहन जांच पड़ताल के बाद पकड़े गए 12 नेपाली व तीन भारतीय बालक में दो भारतीय बालक व पांच नेपाली बालक बालिग पाया गया, जिसे एसएसबी के द्वारा मौके पर ही रिहा कर दिया गया. शेष बच्चे एक भारतीय समेत सात नेपाली नाबालिग युवक को बालश्रम कानून के तहत अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया. इस संबंध में हरिने कैप्म इंचार्ज इंस्पेक्टर सुनील दत्त ने बताया कि सभी नाबालिग बालक को तमिलनाडु के एक धागा फैक्ट्री में बाल श्रम के लिए ले जाया जा रहा था. जहां ड्यूटी पर तैनात एसएसबी जवानों के द्वारा पकड़ लिया गया है. इस बाबत थानाध्यक्ष अनोज कुमार ने बताया कि एसएसबी से सुपुर्द एक आरोपी के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है. वहीं एसएसबी से सुपुर्द आठों बालक को अग्रिम कार्रवाई हेतू चाइल्डलाइन टीम के हवाले कर दिया गया है.