नई औद्योगिक नीति नीतीश कुमार को 20 बरस से मुख्यमंत्री रहने के बाद अब चुनाव से 2 महीने पहले इसकी याद आई है, ये जन सुराज का डर है:- प्रशांत किशोर

नई औद्योगिक नीति नीतीश कुमार को 20 बरस से मुख्यमंत्री रहने के बाद अब चुनाव से 2 महीने पहले इसकी याद आई है, ये जन सुराज का डर है:- प्रशांत किशोर

नई औद्योगिक नीति नीतीश कुमार को 20 बरस से मुख्यमंत्री रहने के बाद अब चुनाव से 2 महीने पहले इसकी याद आई है, ये जन सुराज का डर है:- प्रशांत किशोर

पश्चिम चंपारण। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के क्रम में आज पश्चिम चंपारण में हैं। उन्होंने बेतिया के बड़ा रमना ऑडिटोरियम में जन सुराज के मुस्लिम साथियों को ‘बिहार बदलाव इजलास’ कार्यक्रम के माध्यम से संबोधित किया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने नीतीश सरकार द्वारा आज घोषित की गई औद्योगिक नीति पर तंज भरा हमला किया।

प्रशांत किशोर ने कहा कि 20 साल तक मुख्यमंत्री रहने के बाद चुनाव के पहले इस तरह की नीति की घोषणा करना दिखाता है कि आपने कुछ नहीं किया है। यह जन सुराज का डर है कि अब मोदीजी और तेजस्वी यादव भी पलायन की चर्चा कर रहे हैं। जन सुराज के प्रयास से अभी ही पेंशन बढ़ गया, मानदेय बढ़ गया। अभी शुरुआत है, आगे देखिए क्या-क्या होता है। जन सुराज की व्यवस्था बनी तो छठ के बाद बिहार का कोई युवा 10-12 हज़ार रुपए के रोजगार के लिए बाहर नहीं जाएगा।

पटना के अटल पथ पर मंत्री मंगल पांडेय की गाड़ी पर आक्रोशित लोगों के पथराव के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले तीन साल में नीतीश सरकार के लोगों ने पटना की सड़कों पर बिहार के हर वर्ग पर लाठियां चलायी हैं। अब जनता की बारी है। आगे जब यह लोग गांवों में जायेंगे तो लोग इन्हें दौड़ाकर मारेंगे। अब कई नेताओं की हिम्मत नहीं है कि लोगों से वोट मांगने जायें। क्योंकि इन्हीं के बेटों पर आपने लाठियां चलवाई हैं।

वहीं कैबिनेट बैठक में कथित तौर पर बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और विजय चौधरी के बीच हुए विवाद पर प्रशांत किशोर ने कहा कि इनलोगों के आचार-विचार का कोई ठीक नहीं है। इनके बीच सिर्फ लूट की लड़ाई है कि कौन ज्यादा लूटेगा! बिहार के सर्वदलीय नेता अशोक चौधरी जनता के पैसे से अपनी सांसद बेटी के साथ हेलीकॉप्टर पर घूमकर चुनावी प्रचार कर रहे हैं। कोई नहीं पूछ रहा है कि जिस योजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री कर चुके हैं उसका फिर से उद्घाटन करने ये सरकारी खर्च पर क्यों जा रहे हैं? इन नेताओं का कोई वजूद नहीं है। जनता इन्हें समझ गई है।

*बिहार बदलाव इजलास में पीके बोले- देश के 50% से अधिक हिंदू भाजपा के खिलाफ, उनमें 20% भी मुस्लिम समाज के साथ आ गए तो हमारी लड़ाई जीती हुई समझिए*

इससे पहले प्रशांत किशोर ने बेतिया में आयोजित बिहार बदलाव इजलास को संबोधित करते हुए कहा कि जन सुराज जो काम बिहार में कर रहा है, वो सिर्फ बिहार की लड़ाई नहीं है। देश के 50% हिंदू जो भाजपा से लड़ रहे हैं, उनमें 20% भी हमारे साथ आ जायें तो हमारी लड़ाई जीती हुई समझ लीजिए। हिंदुओं की आधी आबादी ऐसी है, जो गांधी, बाबासाहब, लोहिया, समाजवाद और कम्युनिस्ट विचारधारा को मानती है। गांधी को, लोहिया को या समाजवाद और कम्युनिस्ट विचारधारा मानने वाले लोगों ने आजादी की लड़ाई लड़ी है, भाजपाइयों ने नहीं लड़ी।

उन्होंने आगे कहा कि हम 2014 में मोदी को जिताने में भी कंधा लगाये थे। उसके बाद हम बिहार में काम शुरू किए और एक साल के अंदर ही भाजपा को बिहार में 55 पर समेट दिए। इसलिए आपलोग पीछे मत रहिए। जैसे आप कहते हैं कि देश की आजादी में हमने भी खून-पसीना बहाया है। वैसे ही जब यह इतिहास लिखा जाए कि बिहार को बनाने में एक नई लड़ाई लड़ी जा रही थी, तब यह भी लिखा जाए कि आपने भी अपना खून-पसीना बहाया था। यह बात न हो कि मुस्लिमों ने जन सुराज का साथ इसलिए दिया कि उन्हें 40 सीटें मिली, बल्कि बात इसलिए हो कि आपने बिहार को बदलने में सहयोग किया।

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