दरभंगा।।संस्कृत विश्वविद्यालय में रविवार को कुलपति डॉ शशिनाथ झा की अध्यक्षता में आयोजित सिंडिकेट की बैठक कई मामलों में अहम रहा। मान्य सदस्यों ने सर्वसम्मति से ढेर सारे ऐसे निर्णय लिया है जिसका संस्कृत जगत पर दूरगामी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। इसी कड़ी में पांच संस्कृत कालेजों में करीब दो दर्जन से अधिक शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों की हुई नियुक्तियों को अनुमोदित कर दिया गया। वहीं कड़ा स्टेप उठाते हुए यह भी निर्णय लिया गया कि वैसे कर्मी जो या तो सेवा निवृत्त हो गए हैं अथवा पारिवारिक पेंशन भोगी हैं या फिर कार्यरत कर्मी जिन्हें विश्वविद्यालय द्वारा आवंटित आवास खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है और इसके बावजूद आवास खाली नहीं किया गया है तो उन कर्मियों से निर्धारित तिथि से पैनल रेंट वसूला जाएगा। इसके अलावा उक्त आवास खाली कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
उक्त जानकारी देते हुए उपकुलसचिव प्रथम निशिकांत ने बताया कि उपशास्त्री संस्कृत महाविद्यालय, पिंडारुच में वाकिंग इंटरव्यू के आधार पर शासी निकाय द्वारा की गई प्रधानाचार्य समेत तीन शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति , अमीलाल बबुआ संस्कृत उपशास्त्री कालेज खारा बुधामा, मधेपुरा में प्रधानाचार्य समेत छह शिक्षक व तीन शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति के अलावा अनंतलाल सार्वजनिक संस्कृत उपशास्त्री कालेज जमुआ खमगड़ा , अररिया में तीन शिक्षक व तीन शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति को सिंडिकेट ने अनुमोदित कर दिया है। इसी तरह गोस्वामी लक्ष्मीनाथ मधुसूदन संस्कृत कालेज, वनगांव, सहरसा में एक शिक्षक समेत चार शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति को भी अस्थायी रूप से अनुमोदित कर दिया गया। श्रीनिवास मुकुंद रामानुज संस्कृत कालेज, बसांवकला, बक्सर में नियुक्त सहायक प्रध्यापक डॉ उमाशंकर पांडे की नियुक्ति को भी उनके कार्यभार ग्रहण की तिथि से ही अनुमोदन मिल गया। ऐसे तमाम कर्मियों की नियुक्ति को पिछले पांच अगस्त को हुई अनुमोदन, वरीयता एवम वेतन निर्धारण समिति की बैठक में हरी झंडी दिखा दी गयी थी।
इसके अलावा बिहार लोक सेवा आयोग की अनुसंशा पर नियुक्त प्रध्यापकों के वेतन निर्धारण व उनकी सेवा सम्पुष्टि से पूर्व उनके सम्बंधित कालेजो के प्रधानाचार्यों से अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट तलब करने का फैसला लिया गया। इसी तरह डॉ जगन्नाथ मिश्र संस्कृत कालेज, पस्टन, मधुबनी में वित्तरहित पद पर नियुक्त शिक्षक सुभाषचन्द्र शर्मा की अर्हता को वैध करार कर दिया गया। वहीं पूर्व विधान पार्षद सह सिंडिकेट सदस्य डॉ दिलीप कुमार चौधरी को श्री शंकर संस्कृत उपशास्त्री कालेज शाहपुर, बेगूसराय का दाता सदस्य बनाने पर भी सिंडिकेट की मुहर लग गयी।
इसके पूर्व विगत बैठकों की कार्यवाही को सम्पुष्ट करते हुए निर्णयों के कार्यान्वयन पर भी हाउस की सहमति रही।वित्त समिति की अनुशंसाओं पर भी सदस्यों की स्वीकृति रही।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय मुख्यालय में एक आयुर्वेदिक चिकित्सक व सहायक की नियुक्ति पर भी सर्वसम्मति से हामी रही।
बैठक में कुलपति डॉ झा के अलावा प्रो0 सुरेश्वर झा, प्रो0 श्रीपति त्रिपाठी, डॉ कन्हैया चौधरी, डॉ दिलीप कुमार चौधरी, डॉ विनय कुमार चौधरी, डॉ अजित कुमार चौधरी, रूदल राय, शकुंतला गुप्ता, प्रधानाचार्य डॉ0 प्रभाष चन्द्र व डॉ0 मनोज कुमार एवम कुलसचिव डॉ शिवा रंजन चतुर्वेदी उपस्थित थे।