देसी शराब,गांजा के साथ चाय दुकान चलाने वाली एक महिला पुलिस के हत्थे चढ़ा
दरभंगा।आये दिन जिले में शराब के कारोबारी पुलिस के हत्थे चढ़ता रहता है लेकिन शराब के कारोबार फलने फूलने पर पुलिस रोक नही लगा पाती है।आज फिर एक बार एक महिला शराब व गांजा की कारोबार करते पुलिस के हत्थे चढ़ी। लहेरियासराय थाना को गुप्त सूचना मिली कि चाय की दुकान में शराब व गांजा बिक रहा है।लहेरियासराय थानाध्यक्ष मदन प्रसाद ने एएसआई राजकुमार सिंह के नेतृत्व एक टीम गठन किया।एएसआई राजकुमार सिंह के नेतृत्व बने टीम ने
छापामारी कर एक महिला को 60 बोतल देशी सोफिया शराब,गांजा और कई उपकरण के साथ गिरफ्तार किया ।
लहेरियासराय थाना प्रभारी मदन प्रसाद ने मीडिया को बताया कि मदारपुर पानी टंकी के समीप से महिला पार्वती देवी समेत दर्जनों गांजा की पैकेट, गांजा पीने का उपक्रम सोफिया 60 बोतल शराब को जब्त किया गया । उन्होंने बताया कि कई बार इस महिला के चाय की दुकान पर छापेमारी की गई थी लेकिन छापेमारी के समय कुछ भी बरामद नहीं हुआ लेकिन आज गुप्त सूचना के आधार पर एएसआई राजकुमार के नेतृत्व में छापेमारी की गई और यह सभी सामग्री बरामद हुआ । वही महिला को गिरफ्तार कर थाना लाया गया है । महिला के विरुद्ध आगे की कारवाई करते हुए महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
लेकिन चौका देने वाली बात यह है कि ऐसे कई कारोबारी लहेरियासराय थाना ही नहीं जिले के कोने कोने में शराब की धंधा फलते फूलते रहते हैं । भूलवश या गलती से ऐसे कारोबारी को गिरफ्तार किया जाता है और शराब जब्त की जाती है जो एक खानापूर्ति ही है ! दरभंगा में यह पहली छापेमारी भी नहीं है और यह पहला मामला भी नहीं है ऐसी बड़ी खेप उतरती रहती है और सूचना देने वाले भी सुचना देने से कतराते रहते हैं क्योंकि पुलिसिया कार्रवाई शिकायतकर्ता पर ही हो जाती है! ऐसा अक्सर होता रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि लहेरियासराय थाना क्या शराब माफियाओं पर नकेल कसेगी या फिर महीना में एक दो उद्भेदन कर वाहवाही और अपना गुणगान करेगी या फिर एसएसपी से पीठ थपथपाना का इंतजार करेगी।सूत्रों का माने तो शराब कारोबारी पर कहि कहि पुलिस और राज नेताओं का हाथ होता है यही कारण है कि दूसरे राज्य से ट्रक पर लाद कर भारी मात्रा में शराब दरभंगा जिला में उतार कर अपना कारोबार चलाते है।हाल ही में पतोर ओपी क्षेत्र के उघरा गांव निवासी को दरभंगा की पुलिस ने दूसरे राज्य से शराब कारोबार के इल्जाम में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।सूत्र तो यह बताते है कि पुलिस अगर ईमानदारी से अपना काम करे तो जिले में कहि भी शराब नही बिकेगा।इतना ही नही कुछ पुलिस कर्मी ख़ुद शराब का सेवन भी करते है।