दरभंगा।कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय इमपलाईज युनियन (ऐकटू) के राज्यव्यापी आह्वान पर दरभंगा में कर्मियों के हड़ताल के आज तीसरे दिन बिहार शिक्षा परियोजना दरभंगा के कार्यालय पर धरना को समबोधित करते हुए ऐकटू के जिला प्रभारी उमेश प्रसाद साह ने कहा आज बिहार समेत पूरे देश में संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले वर्ग के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गया है ।नतिजा संगठित क्षेत्रों में काम करने वाले कामगार के पास हड़ताल के सिवा और कोई रास्ता नहीं बचा है, और पटना दिल्ली की सरकार चुनाव-चुनाव खेलने में मस्त है ।आज विगत तीन दिनों से कस्तूरबा विद्यालय के सभी कर्मी अपनें 15 सुत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल पर बैठा हुआ है। 12 जुलाई से स्वास्थय विभाग से संबंधित आशा कार्यकर्ता भी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जायेंगे। पटना दिल्ली की सरकार कामगारों को न्युनतम मजदूरी भी नहीं देना चाह रहा है ।कामगारों को सभी प्रकार के सुरक्षा से बंचित कर दिया गया है ।आज कामगारों के लिए सरकार के द्वारा संवैधानिक संकट खड़ा कर दिया गया है और कामगारों को आधुनिक गुलाम बना दिया गया है ।हम माँग करते हैं कि सरकार कस्तूरबा विद्यालय के कर्मी के वाजिब मांग पर अविलंब वार्ता करे और हड़ताल को समाप्त करावे ताकि कस्तूरबा विद्यालय के बालिकाओं का पढाई का काम शुरू हो सके ।
धरना को कस्तूरबा विद्यालय कर्मी संध के जिला अध्यक्ष सममी, सचिव वंदना कुमारी, रिंकु कुमारी, प्रदेश अध्यक्ष दिलिप कुमार साह, उपाध्यक्ष अशोक पंडित के अलावा कल्याणी कुमारी, चंद्रकांत पोद्दार, रामबाबू पासवान, अशोक यादव, प्रदीप कुमार, मनोहर यादव, आलोक कुमार आदि हड़ताली कर्मियों ने समबोधित किया ।

