दरभंगा। शिक्षा विभाग के द्वारा पटना उच्च न्यायालय के सिंगल बेंच से अप्रशिक्षित शिक्षकों के विरुद्ध आए फैसले के बाद उनके बर्खास्तगी से संबंधित आदेश पारित होने के बाद सैकड़ों परिवार के सामने भुखमरी और बेघर होने की नौबत आ गई है।
वर्षो से नौनिहालों का भविष्य संवारने वाले ऐसे शिक्षक जो किसी कारण से तय समय अवधि में प्रशिक्षण नही ले पाए उनके ही बाल बच्चे माता पिता का भविष्य अंधकार में दिखने लगा हैं। प्रशिक्षण संस्थानों की कमी एवं बाहर के राज्यों की महंगी फीस व्यवस्था तथा अपीलीय प्राधिकार, उच्च न्यायालय , नियोजन इकाइयों के चक्कर में एक तो पहले ही काफी विलंब से इनका पदस्थापन हुआ एवं पदस्थापन के कुछ समय बाद से ही सेवा से निकाले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। ऐसे में बिहार का सम्पूर्ण शिक्षा महकमा ही सवालों के घेरे में आता है। इस पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष रखते हुए टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के जिला प्रवक्ता धनंजय झा ने बताया की जल्द ही डबल बेंच में उक्त फैसले को चुनौती दी जाएगी। अप्रशिक्षित शिक्षक घबराए नही अब उनकी लड़ाई को संघ लड़ेगा तथा अंतिम दम तक उनके सेवा को बचाने का प्रयास किया जाएगा। सभी न्यायायिक पहलुओं पर गौर फरमाया जा रहा है जिसके अंतर्गत 31-3-2019 के बाद वैसे शिक्षक जो प्रशिक्षित हो गए तथा उनकी नयी सेवा मानी गयी है को भी चुनौती देने पर विचार किया जा रहा है।
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