भागमभाग जिंदगी में खुद को फिट रखने के लिये पोषण युक्त आहार जरूरी:- विभागाध्यक्ष, डॉ० दिव्या रानी हंसदा।

स्वस्थ किशोरी ही होती है एक स्वस्थ पीढ़ी की जन्मदाता:- मुख्य वक्ता, किरण

दरभंगा । विश्वविद्यालय गृह विज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ० दिव्या रानी हंसदा के अध्यक्षता में किशोरावस्था में पोषण के महत्व विषय पर एक दिवसीय पोषण शिक्षा ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विभागाध्यक्ष प्रो० दिव्या रानी हंसदा ने सभी छात्राओं को संबोधित करते हुए कही कि आज के भागमभाग जिंदगी व अनियमित दिनचर्या में सबसे ज्यादा जरूरी खुद को फिट रखना है। आज महिलाएं हों या पुरूष सभी वर्गों में बच्चे, नौजवान से लेकर वृद्धावस्था तक के लोगों को सबसे ज्यादा जरूरी है कि वो फिट रहने के लिये पोषण युक्त आहार लें। खासकर किशोरावस्था में पोषण युक्त आहार लेने से आपका शारीरिक व मानसिक विकास होता है। घर के महिलाओं पर परिवार की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसीलिए आप सब इस ट्रेनिंग में भाग लें और पोषण के महत्व को बारीकी से सीखें। यह कार्यक्रम आप सभी छात्राओं में जागरूकता व पोषण ट्रेनिंग में स्किल्ड होने के लिये आयोजित किया जा रहा है जिससे स्वस्थ समाज व परिवार का निर्माण हो सके।
बतौर मुख्य वक्ता महारानी रामेश्वरी महिला महाविद्यालय, दरभंगा की सहायक आचार्य  किरण ने अपने संबोधन में कही कि किशोरावस्था में पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, व्यायाम, जीवन कौशल आदि के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि स्वस्थ किशोरी ही एक स्वस्थ पीढ़ी की जन्मदाता होती है। यदि किशोरी, किशोरावस्था में स्वस्थ पोषण ग्रहण करती है तो यह भविष्य के जीवन के लिये आधारशिला की तरह कार्य करता है। ट्रेनिंग पश्चात  किरण द्वारा उपस्थित सभी छात्राओं से एक प्रपत्र भी भरवाया गया जिससे छात्राओं द्वारा प्राप्त की गई जानकारी का आकलन किया जा सके। ट्रेनिंग कार्यक्रम में कुल 144 छात्राओं ने भाग लिया और इससे लाभान्वित हुई।
मंच संचालन विभागीय शिक्षिका डॉ० प्रगति ने की जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ० प्राची मरवाहा ने की। कार्यक्रम में विभाग की उषा झा, मो० अजहरुद्दीन, नवीन कुमार व चिंता देवी का योगदान सराहनीय रहा।

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