स्थापना कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और शिक्षकों के प्रतिनियोजन के खिलाफ आवेदन
दरभंगा। बहेड़ी प्रखण्ड के जिला परिषद सदस्या रीता देवी ने जिला शिक्षा अधिकारी दरभंगा को स्थापना में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के संरक्षण में शिक्षकों से अवैध वसूली एवं शिक्षकों के प्रति नियोजन संबंधित आवेदन दी है. उन्होंने कहा कि स्थापना कार्यालय में शिक्षकों का अवैध प्रतिनियोजन करके कभी इपीएफ के नाम पर कभी फिक्सेशन के नाम पर शिक्षकों से अवैध वसूली का कारोबार जोर शोर से किया जा रहा है, ऐसा मामला संज्ञान में आया है। पूर्व में ये शिक्षक कभी बीआरसी में वेतन बहाने के नाम पर तो कभी किसी और बहाने से पदाधिकारियों के आगे पीछे करते रहे है। इन शिक्षको का मूल पदस्थापन विद्यालयों के शैक्षणिक कार्यो के लिए किया गया है न कि लिपिकीय कार्य एवं अधिकारियो के आगे पीछे करने के लिए। आपके जिला में पदस्थापन के उपरांत बहुत हद तक इस प्रकार के प्रतिनियोजनो पर रोक लगी है लेकिन यह अत्यंत खेद का विषय है कि आपके कार्यालय की छत्रछाया में ही ऐसे प्रतिनियोजन का मामला सामने आया है। जो कि न केवल शिक्षा का अधिकार अधिनियम अपितु सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादेश की भी खुलेआम धज्जी उड़ाने जैसा है। हालांकि यह जिला में किसी एक कार्यालय का मुद्दा नही है बल्कि लगभग सभी कार्यालयों में पदाधिकारियो के द्वारा इस प्रकार का प्रतिनियोजन किया जाता रहा है एवं अभी भी ऐसी व्यवस्था स्थापित है। इसप्रकार के प्रतिनियोजनों से एकओर जहां ग्रामीण इलाकों में अवस्थित विद्यालयों में अध्ययनरत गरीब किसान मजदूर दलित के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है वही दूसरी ओर विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त हो रही है। इस पर युवा जदयू नेता कमलेश मंडल ने कहा कि यदि इस प्रकार की कुसंस्कृति की बढ़ावा यदि शिक्षा विभाग की रही तो अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री एवं निदेशालय को शिकायत करनी विवशता होगी.