पारस ग्लोबल हॉस्पिटल, दरभंगा के डॉक्टरों ने बचा ली प्रसूता की जान ।
दरभंगा। पारस ग्लोबल हॉस्पिटल, दरभंगा की स्त्री रोग विभाग की एचओडी डॉ. शारदा ने एक प्रसूता की जान बचा ली। मधुबनी की 26 वर्षीय मौसम कुमारी को नॉर्मल डिलेवरी कराने के लिए परिजन स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए थे। इंस्ट्रूमेंटल डिलेवरी करवाने में फोर्सेप के गलत इस्तेमाल से उसके वेजाइना में इतने कट लग चुके थे कि योनि से लेकर मल (शौच) का रास्ता एक हो गया था। 2 लीटर से अधिक खून बह चुका था, जिसके बाद मरीज गंभीर हालत में रेफर होकर अस्पताल पहुंची थी। स्थिति इतनी नाजुक थी कि नार एडिनिलीन चलाने के बाद भी उसका बी.पी मिल नहीं पा रहा था। अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण सबसे पहले उसे 2 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। इसके बाद परत दर परत वेजाइना को रिपेयर किया गया। इलाज के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और अब वह बिल्कुल स्वस्थ है। उसे डिस्चार्ज भी कर दिया गया है।
डॉ. शारदा ने बताया कि मरीज गंभीर मेडिकल कंडीशन में अस्पताल पहुंची थी। डिलेवरी के समय फोर्सेप को सही तरीके से नहीं लगाने के कारण उसकी स्थिति बिगड़ी थी। अगर सर्जरी सही से नहीं की जाती तो वह भविष्य में स्टूल होल्ड नहीं कर पाती। अब वह पूरी तरह से फिट है।
इस अवसर पर पारस हॉस्पिटल के *जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार* ने बताया कि पारस ग्लोबल हॉस्पिटल, दरभंगा सिर्फ दरभंगा शहर के लिए नहीं बल्कि आस-पड़ोस के इलाकों, नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए इलाज का बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। गंभीर से गंभीर मेडिकल कंडीशन या इमर्जेंसी में मरीज पहुँचते हैं और स्वस्थ होकर घर जाते हैं।
*पारस ग्लोबल अस्पताल के बारे में*
100 बिस्तरों वाले पारस ग्लोबल दरभंगा में एक ही स्थान पर सभी चिकित्सा सुविधाएं हैं। हमारे पास एक आपातकालीन सुविधाए उच्च योग्य और अनुभवी डॉक्टरों के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र है। पारस इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर बिहार में अपनी विशेषज्ञताए बुनियादी ढांचे और व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध है।

