होटल में पहुंची शिक्षा विभाग की संचिकाएं, क्या वहां भ्रष्टाचार का हुआ खेल?
दरभंगा।शुक्रवार को लहेरियासराय अवस्थित एक होटल चर्चा में रहा। शिक्षा विभाग से संबंधित कई शिक्षक, लेखपाल, प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी से लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तक का वहां जमघट लगा रहा। देर शाम तक उनका होटल में आना जाना लगा रहा।
कानाफूसी बढ़ी। और इसका कारण भी था। न तो कोई विशेष कार्यक्रम का आयोजन था और न ही कोई समारोह या भोज। फिर भी सैकड़ो की संख्या में शिक्षा विभाग के लोग वहां किस कारण से जुटते देखे गए?
सूत्रों से पता चला है कि एक दिन पूर्व ही जिला शिक्षा पदाधिकारी, दरभंगा के दायित्व से मुक्त हुए विभा कुमारी फाइलों का निपटारा उसी होटल में वहां बैठकर करती रही। विभागीय सूत्र के अनुसार बैक डेट में पुराने लेन देन का हिसाब किताब हुआ।
अब यहां भी शिक्षा महकमा सवालों में घेरे में आ जाता है की जिस पदाधिकारी का एक दिन पहले ही विदाई समारोह आयोजित किया गया हो आखिर वह होटल में संचिकाओं का निपटारा कर कैसे सकती है। उन्हें किस माया ने घेर रखा है। विभाग के लोग उनका आदेश क्यों मान रहे थे।
दरअसल शिक्षा विभाग के इतिहास में इनका कार्यकाल सदैव विवादों के घेरे में रहा है। बात चाहे वरीय के रहते कनीय को प्रभार देने की हो या शिक्षकों को वेतन देने में कृत्रिम नियमो की स्थापना करने की हो। सबमे अपने मनमानी और विभागीय नियमो की धज्जियां उड़ाने के लिए यह जानी जाती रही।
इनके विरुद्ध यहां के विधायक से लेकर मंत्री तक, जिलाधिकारी से लेकर अन्य अधिकारियों ने पटना मुख्यालय के उच्चाधिकारियों को लिखकर इनके तानाशाही और मनमानेपन के प्रति ध्यान आकृष्ट कराया था। अब अपने स्थानांतरण के बाद भी वे एक होटल में बैठकर कार्यो का सम्पादन कर फिर से सुर्खियों में आ गई हैं।