हिमाचल प्रदेश में जोरदार संघर्ष के बाद सवर्ण आयोग गठन की अधिसूचना जारी

हिमाचल प्रदेश में जोरदार संघर्ष के बाद सवर्ण आयोग गठन की अधिसूचना जारी

दरभंगा ।हिमाचल प्रदेश में बहुताययत आबादी के सवर्ण समाज (सामान्य वर्ग) होने के बावजूद आजादी के सत्तर साल बाद तक भी राज्य में सवर्ण समाज के लिए कोई एक आयोग गठित नहीं किया गया। हिमाचल प्रदेश में सवर्ण आयोग गठित करने की मांग को लेकर वहां के दो शेर सामने आए। अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और हिमाचल प्रदेश प्रभारी साथ ही देवभूमि क्षत्रिय संगठन के संस्थापक अध्यक्ष  रुमित सिंह ठाकुर और सवर्ण मोर्चा हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष मदन ठाकुर के नेतृत्व में जोरदार आंदोलन की तैयारी की गई। शुरुआत में अपनी बात को सप्रेम स्वरूप हिमाचल सरकार तक पहुंचाया गया। तब मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा सवर्ण आयोग के लिए प्रशासनिक प्रारुप इस टीम से ही मांगा गया। तब सवर्ण नेताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह  से यह समस्या बताई। जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंह  ने बिहार के सवर्ण आयोग के प्रारुप की कापी अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शशि रंजन सिंह द्वारा मंगवाकर उसे भेज दिया। साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय, अलग-अलग मुख्यमंत्री कार्यालय को आंदोलन पुर्वक दिए गए सवर्ण मोर्चा के मांग एवं एजेंडा की कापी आदि भी दी। जिन तमाम सरकारी प्रशासनिक और सामाजिक नीतीगत एजेंडा हिमाचल प्रदेश सरकार एवं प्रशासन को सौंपा गया। इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तीन महीने का समय देकर फिर अपने ही बात विचारों से पिछे हट गए। तब तीन महीने के बाद शिमला में विशाल सवर्ण एकजुटता के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय की घेराबंदी की गई। इसके बाद भी बात नहीं बनी तब पुरे हिमाचल प्रदेश में जिला तहसील पंचायत के स्तर पर सवर्ण जागरण अभियान देवभूमि क्षत्रिय संगठन और सवर्ण मोर्चा द्वारा संचालित किया गया। यहां तक की हिमाचल प्रदेश में हुए उप चुनाव में नोटा के पक्ष में जोरदार आंदोलन और अभियान भी इस टीम के द्वारा चलाया गया। उपचुनाव में वर्तमान भाजपा सरकार की पार्टी के लोकसभा विधानसभा उम्मीदवार सभी हार गए। लोकसभा चुनाव में नोटा से कम वोट पर भाजपा को हारना पड़ा। बाकी जगहों पर नोटा अभियान के चलते भाजपा के पक्ष में माहौल ही नहीं बन पाया। जिसका खमियाजा हार के रुप में भाजपा को उठाना पड़ा। इसके बाद फिर हिमाचल प्रदेश के सवर्ण समाज का क्रांतिकारी नेतृत्व आठ सौ किलोमीटर तक पैदल जातिय आरक्षण का लाश कंधे पर लेकर इसे हिमाचल उत्तराखंड होते हुए हरिद्वार में गंगा नदी किनारे विधिवत दाह संस्कार तक किया। वहीं से आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने वाले संकल्प को पुरा करने के लिए पवित्र गंगा जल लेकर कल धर्मशाला में हजारों की संख्या में हिमाचल प्रदेश के सवर्ण समाज के क्रांतिकारी युवा छात्र महिला किसान व्यापारी कर्मचारी पुर्व सैनिक आदि को जमा कर हिमाचल सरकार के सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए आक्रोशित प्रदर्शन किया। परिणाम तब अच्छा मिला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने उसी समय हिमाचल प्रदेश समान्य वर्ग आयोग (सवर्ण आयोग) गठित करने की अधिसूचना जारी कर दी। आज हिमाचल प्रदेश ही नहीं पुरे देश के सवर्णो में एक खुशी की लहर दौड़ गई है। इस अवसर पर सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने बताया की हिमाचल प्रदेश में सवर्ण आयोग गठन में देरी करने पर हम सवर्ण आंदोलनकारियों को फायदा और भाजपा सरकार को नुकसान उठाना पड़ा। उप चुनाव में सवर्ण आंदोलनकारियों के नोटा अभियान के चलते इन्हें सारे सीट पर हार का सामना करना पड़ा। अब  रुमित सिंह ठाकुर और मदन ठाकुर के नेतृत्व में सवर्ण समाज के लिए हिमाचल प्रदेश में सवर्ण मंत्रालय – सवर्ण बजट – सवर्ण छात्रवृत्ति – सवर्ण छात्रावास – सवर्ण आवासीय विद्यालय – सवर्ण वित्त निगम – सवर्ण विकास निगम – सवर्ण रोजगार स्वरोजगार योजना – सवर्ण एक्ट – सवर्ण आवासीय योजना – सवर्ण गरीबी उन्मूलन की योजनाएं आदि को बनाने एवं लागू करने की लड़ाई को मजबूत किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सवर्ण आयोग गठित करने की अधिसूचना जारी होने पर अपने हिमाचल के सवर्ण शेरों रुमित सिंह ठाकुर, मदन ठाकुर,दिपक सिंह चौहान, जयदेव अर्की आदि को बहुत बहुत शुभकामनाएं समर्पित हैं। साथ ही दरभंगा जिला सवर्ण मोर्चा संरक्षक त्रिपुरारी झा, जिला के संयोजक कैप्टन चंद्रशेखर ,जिला उपाध्यक्ष देवचंद्र झा, उपाध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह, युवा अध्यक्ष संतोष कुमार झा, जिला सचिव भवानी सिंह, राजेश कुमार झा, बुद्धिजीवी मंच के अध्यक्ष पंकज मिश्रा वरिष्ठ नेता शशिभूषण सिंह,फूल कुमार झा ,बबन झा, राजा झा, अभिषेक सिंह आदि ने भी खुशी का इजहार किया।

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