हायाघाट विधानसभा क्षेत्र का चुनावी परिदृष्य हुआ दिलचस्प, नए पुराने चेहरों की पेशबंदी हुई तेज
मौजूदा विधायक टिकट पाने में पिछड़े तो मचेगा चुनावी घमासान

मोहन चन्द्रवंशी
दरभंगा
चुनावी डुगडुगी बजने में अब चंद दिन बाकी है लेकिन दावेदारों का चुनावी दंगल शुरू हो चुका है । हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से राजद से कई उम्मीदवार क्षेत्र में ताल ठोक रहे हैं। जिसमें बलिगांव पंचायत के दो उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी तय करने के लिए चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं । बलिगांव गांव निवासी कुमार गौरव कई बरसों से राजद पार्टी को मजबूत करने में लगे हुए है। पिछले बार भी कुमार गौरव टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन ऐन मौके पर इन्हें टिकट नहीं मिला। बावजूद पार्टी की सेवा करते जा रहे हैं।
इसी पंचायत के बिहरौना गांव निवासी पूर्व जिला परिषद सदस्या गीता देवी राजद से ताल ठोक रही हैं जबकि रविंद्र कुमार सिंह उर्फ चिंटू सिंह जो जदयू छोड़ कर वर्ष 2020 में राजद में शामिल हुए हैं वे भी अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहें हैं।
तो दूसरी तरफ भच्छी पंचायत के उज्जैना निवासी पूर्व मुखिया मणिकांत यादव भी तेज प्रताप यादव को बुला कर शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं। पिछली बार नामांकन दाखिल करने के बाद कतिपय कारणों से उन्होंने नाम वापस ले लिया था। मणिकांत चुनावी दंगल में शामिल हो चुके हैं। राजद के जिला अध्यक्ष उदय शंकर यादव की नजर पहले से इस सीट पर गड़ी हुई है। वे तो हिंदुत्ववादी समर्थकों को भी रिझाने का दावा कर रहे हैं। अब देखना है कि राजद हायाघाट विधानसभा सीट से किसे टिकट देती है।
दूसरी तरफ भाजपा से आर के चौधरी भी शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि इस क्षेत्र से भाजपा से ही डॉ राम चंद्र प्रसाद विधायक हैं। इन्हें दरकिनार कर आर के चौधरी शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर विकास सिंह भी भगवा झंडा का हिस्सा बनने की पेशबंदी कर रहे हैं।
इस सीट पर और भी राजनीतिक पार्टी अपना उम्मीदवार ढूंढने में लगी है। पिछले चुनाव में जाप पार्टी से मुन्ना खान उम्मीदवार थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुन्ना खान भी चुनाव लड़ सकते हैं। राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा की गहमागहमी के बाद से वे खासे उमंग में हैं। वाम दल की दूसरी च्वाइस भी हायाघाट सीट है। इंडी अलायंस क्या करेगा यह देखना बाकि है। आसार हैं कि चुनावी समीकरण सबका बिगड़ने वाला है । निर्दलीय के लिए तो कई इच्छुक फांड़ बांधे हुए हैं। हायाघाट सीट को आसान समझने वाले दावेदारों के नाम की लिस्ट लंबी ही करते जा रहे हैं। राजनीतिक पंडितों की माने तो वर्तमान विधायक डॉ राम चंद्र प्रसाद को भाजपा टिकट नहीं देती है तो इसका सीधा असर मतदाताओं पर हो सकता है।

