शिक्षकों को दुधारू गाय समझने की भूल न करे विभाग:·प्रमोद मंडल
जब शिक्षकों का ही होगा शोषण तो कैसे पूरी होगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की परिकल्पना:–रंजन पासवान
दरभंगा. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना दरभंगा के पत्र जारी होते ही पहले से शिक्षकों के दोहन शोषण को लेकर घात लगाए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की तो चांदी कटने लगी। कही हजार से पंद्रह सौ तो कही पांच हजार रूपए तक की मांग होने लगी। दरअसल छठे चरण के शिक्षक नियोजन प्रक्रिया के तहत जिले में पदस्थापित नवनियुक्त शिक्षकों के सेवा पुस्तिका को खोलने का आदेश जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने जारी किया है जिसके बाद से ही गौड़ाबौराम, नगर, सदर, सिंहवाड़ा, घनश्यामपुर, बिरौल, केवटी समेत अन्य प्रखंडों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तथा लेखापाल शिक्षकों से वसूली करने लगे। इस पूरे प्रकरण पर टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए अविलंब इसपर रोक लगाने की मांग किया है। संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद मंडल ने कहा की शिक्षकों को दुधारू गाय समझने की भूल न करे विभाग की जब मन होगा जैसे मन होगा दोहन करना शुरू कर देगा। शिक्षक पूरी ईमानदारी के साथ काम करते है फिर उनसे उगाही का अर्थ क्या रह जाता है। शिक्षको के इस प्रकार के दोहन से न केवल भय का माहौल उत्पन्न होता है अपितु शिक्षा विभाग की गरिमा भी धूमिल होती है। वही संघ के जिला महासचिव रंजन पासवान ने कहा की जब शिक्षकों का ही होगा शोषण तो कैसे पूरी होगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की परिकल्पना यह सोचनीय विषय है अगर शीघ्र ही इसपर रोक नही लगता है तो संघ आंदोलन को बाध्य होगा।