दरभंगा: दरभंगा के जिलाधिकारी राजीव रौशन के कार्यालय कक्ष में 1 जून से 15 जून तक चलाए जाने वाले सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा के आयोजन की तैयारी को लेकर सिविल सर्जन एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि कोविड-19 के बाद यह पहला सघन डायरिया नियंत्रण अभियान है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का डायरिया से होनेवाली मृत्यु दर को कम करना है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र होने के कारण दरभंगा रेड जोन के अंतर्गत आता है। यहां वर्षा ऋतु में डायरिया की संभावना अधिक रहती है। डायरिया के कारण छोटे बच्चे में मृत्यु की संभावना रहती है। दरभंगा जिला के लिए 6 लाख 74 हजार घरों में ओआरएस का पैकेट वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 8 लाख पैकेट वितरित करने की योजना बनाई गई है जिसके लिए 2 लाख 4 हजार पैकेट उपलब्ध कराया जा चुका है। ओआरएस का पैकेट आंगनवाड़ी केंद्र में आशा एवं जीविका के माध्यम से बटवाया जाएगा। पल्स पोलियो अभियान के दौरान आशा उन घरों को चिन्हित कर रही है जहां 5 वर्षों से छोटे बच्चे हैं।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि यदि किसी बच्चे को तीन बार लूज मोशन होता है तो यह डायरिया का लक्षण है और इसके निवारण के लिए ओआरएस का घोल तुरन्त दिया जाना चाहिए। यदि गंभीर रूप से डायरिया हो जाता है तो तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में बच्चे को एडमिट कराना आवश्यक होता है। डीएम ने कहा कि डायरिया से बचाव के लिए पूर्व सावधानी आवश्यक है और इसके लिए प्रत्येक स्तर से जागरूकता कार्यक्रम चलाएं। लोगों को यह जानकारी दें कि बासी खाना न खाएं न बच्चों को खिलाएं, स्वच्छ जल ग्रहण करें और साफ – सफाई पर विशेष ध्यान रखें। आंगनवाड़ी केंद्र में, जीविका के ग्राम संगठनों की बैठक में, महादलित टोला में जागरूकता आवश्यक है। पंचायती राज्य के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी लोगों को जागरुक किया जाना चाहिए। खाना खाने के पहले एवं शौच के बाद अच्छी तरह से अपने हाथों की धुलाई करें अपने आस – पास में साफ-सफाई रखें।
डीएम ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को सभी मुखिया को अपने पंचायत के नालों की सफाई करवाने व उससे निकले कचरे को अन्यत्र निष्पादन करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में नगर निगम नाले की सफाई करवाए। डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन विभाग को सभी पानी टंकी की सफाई करवाने के निर्देश दिए। साथ ही निजी पानी टंकी की सफाई करवाने के लिए भी लोगों को प्रेरित करने का निर्देश दिया। इसके अलावे जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस डॉ. रश्मि वर्मा को आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। साथ ही ओआरएस पैकेट उन घरों में, जहां बच्चे हैं, बंटवाने के निर्देश दिए। जीविका को अपने ग्राम संगठन के बैठकों में पिको प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करवाने का निर्देश दिया।
बैठक में उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, वरीय उप समाहर्ता गौरव शंकर, एस एम सी यूनिसेफ के शशिकांत से आयुष्मान भारत कार्यक्रम के जिला समन्वयक वीरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।