राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने वाला गिरफ्तार, बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं का बनाता था फर्जी आधार कार्ड

हिमाचल प्रदेश पुलिस की सूचना पर नई दिल्ली रेलवे थाना पुलिस ने बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं का फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का मास्टर माइंड सफीकुल आलम को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक कंपनी की आईडी हैक कर फर्जी आधार कार्ड बनाता था।

हिमाचल प्रदेश पुलिस की सूचना पर नई दिल्ली रेलवे थाना पुलिस ने बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं का फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का मास्टर माइंड सफीकुल आलम को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने हिमाचल प्रदेश के चंबा में आधार कार्ड बनाने वाली एक कंपनी की आईडी हैक कर राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने का काम कर रहा था। इसकी गिरफ्तारी से भारत के राज्यों में चल रहे ऐसे नेटवर्क का पता लग सकता है जो देश में अवैध तरीके से भारत में घुसने वाले बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के भारत में आधार कार्ड बनाते हैं। चंबा में कई मामले दर्ज पुलिस के अनुसार, चंबा जिला के सदर थाने में इसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। आठ अप्रैल को सदर थाने के इंस्पेक्टर संजीव ने टेलीफोन पर उनके मामले में वांछित आरोपित सफीकुल आलम को पकड़ने के लिए सहायता करने का अनुरोध किया था। रेलवे पुलिस को बताया गया कि आरोपित पूर्वा एक्सप्रेस से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच सकता है। बंगाल का रहने वाला है आरोपी ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने सफीकुल आलम को दबोच लिया। वह पहले वजीराबाद, ब्लाक एक गुरुग्राम, हरियाणा में रहता था लेकिन उसके पास से बरामद दस्तावेजों के अनुसार, वह मूलरूप से मलीहाटी, थाना-सालार, मुर्शिदाबाद, बंगाल का रहने वाला है। पुलिस को शक है कि वह बांग्लादेशी हो सकता है। कंपनी की आईडी हैक करता था ये काम बंगाल के पते पर उसने फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा हो। पुलिस के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में एक फर्म ने आधार कार्ड बनाने के लिए फ्रेंचाइजी ली थी। कंपनी का सिस्टम हैक कर आरोपित ने उसके आईडी का क्लोन पहले बंगाल में कई आधार कार्ड बनाए गए। इस तरह के मामले में सफीकुल पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। यह उसकी दूसरी गिरफ्तारी है। पुलिस को शक है कि इस रैकेट में कोई बड़ा समूह और उपयोगकर्ता शामिल हो सकते हैं, जिसकी जांच हिमाचल पुलिस कर रही है। इसकी गिरफ्तारी से भारत की सुरक्षा एजेंसियां भी सकते में आ गई हैं।

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