राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने को लेकर प्राधिकार के सचिव ने किया  वेबनार का आयोजन

राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने को लेकर प्राधिकार के सचिव ने किया  वेबनार का आयोजन

दरभंगा ।  व्यवहार न्यायालय दरभंगा, बेनीपुर एवं बिरौल में 12 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने को लेकर सभी हितधारकों के साथ वेबनार का आयोजन
दरभंगा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष-सह-जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में किया गया।
जिलाधिकारी-सह-उपाध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा  राजीव रौशन, अपर जिला न्यायाधीश-सह- सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार मो. जावेद आलम, वरीय पुलिस अधीक्षक-सह-सदस्य जिला विधिक सेवा प्राधिकार  अशोक प्रसाद, अग्रणी बैंक प्रबंधक दरभंगा, भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक, अन्य बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक, श्रम अधीक्षक, वन प्रमंडल पदाधिकारी, नगर आयुक्त दरभंगा, दरभंगा नगर निगम, अधीक्षक माप तौल, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, बी.एस.एन.एल के विभागाध्यक्ष, कार्यपालक अभियंता विद्युत, बीमा कंपनी के प्रबंधक एवं अन्य हितधारक वेबनार में शामिल हुए।
वेबीनार के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत के सभी हितधारकों को संवेदनशील बनाते हुए उनका उन्मुखीकरण किया गया तथा अधिक से अधिक वादों को 12 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शामिल कर उन्हें निष्पादित करवाने का निर्देश दिया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अपर जिला न्यायाधीश द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व से सभी को अवगत कराया गया एवं सभी सुलहनीय वादों की जानकारी सभी हित धारकों को दी गई और अधिक से अधिक सुलहनीय वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत में शामिल करने का अनुरोध किया गया।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे लोगों को सुलहनीय मामलों में कम समय में न्याय प्राप्त हो जाता है। छोटे-छोटे मामलों का निष्पादन सुलह समझौते के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए सभी संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रुद्र प्रकाश मिश्र ने राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि “राष्ट्रीय लोक अदालत का यही है नारा न कोई जीता न कोई हारा।”
वरीय पुलिस अधीक्षक सहित सभी हितधारकों को अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में लाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक को अपने थानों के माध्यम से सभी नोटिस का तामिला समय करवाने का अनुरोध किया, ताकि अधिक से अधिक सुलहनीय वादों का निष्पादन 12 मार्च के राष्ट्रीय लोक अदालत में किया जा सके।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मुकदमों की सुनवाई की जाती है, जिनमें विभिन्न मुकदमा पूर्व एवं लंबित वाद यथा – शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक वाद, एन. आई. एक्ट धारा 138 वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, श्रम विवाद, विद्युत तथा पानी बिल संबंधी विवाद, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, सेवा संबंधी (वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ), राजस्व मामले (जिला न्यायालय में लंबित) एवं अन्य दीवानी मामले यथा (किराया, *सुखाधिकार*, निषेधाज्ञा वाद, संविदा के विनिर्दिष्ट पालन हेतु वाद), बी.एस.एन.एल इत्यादि से संबंधित वाद का निष्पादन आपसी सुलह के आधार पर तत्काल किया जाएगा।

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