मैंने टीका ले लिया – आप भी लें टीका,फोटो फ्रेम लेकर चलाया गया जागरूकता अभियान

दरभंगा।किरतपुर के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र जमालपुर पंचायत में टीकाकारण की शुरुआती गति बहुत धीमी थी। टीके को लेकर समुदाय में कई तरह की भ्रांतियां थी जिसमें कुछ राजनीतिक रंग भी थे। यह मोदी का टीका है, टीके के बाद धीरे- धीरे लोगों की मौत हो जाती है, टीका काम नहीं करता है केवल वाहवाही के लिए टीका लगवा रहा है मोदी – कुछ ऐसी है भ्रांतियां टीकाकरण में बाधक साबित हो रही थी। दूसरी तरफ़ कुछ सामाजिक एवं धार्मिक कारण भी टीकाकरण की राह को मुश्किल कर रही थी। “हमारे मजहब के खिलाफ है, लोग बच्चे पैदा नहीं कर पाएंगे, सुनते हैं टीका लेकर लोग बीमार पड़ जाते हैं और अस्पताल में उनका अंग निकाल कर कोविड के नाम पर मार दिया जाता है।” ऐसी अफवाहों के कारण क्षेत्र के लोगों को टीकाकृत करना मुश्किल जान पड़ रहा था।
जमालपुर पंचायत में टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए दो बार कैम्प भी लगा। लेकिन समुदाय से कुछ सम्प्रदाय विशेष के गिने चुने लोगों ने ही टीका लिया। ऐसी परिस्थिति में सामुदायिक उत्प्रेरण का काम शुरू करने पर सामने आयी समस्याओं को जागरूकता के बल पर दूर किया गया। लेकिन अब स्थिति में बदलाव आ गया है। टीका केन्द्रों पर लोग बढ़-चढ़ कर टीका ले रहे है। जिसमें सुरक्षा प्रहरी पिंकी व ख़ुशबू की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है।

 

जमालपुर पंचायत में टीकाकरण अभियान में अधिक से अधिक लोगों को शामिल करने के लिए सुरक्षा प्रहरी पिंकी कुमारी और खुशबू कुमारी ने घर –घर जाकर एक-एक महिलाओं से बातचीत की और उन्हें टीकाकरण की महत्ता को समझाया। उन्होंने लोगों को समझाया कि टीका किसी पार्टी का नहीं होता। यह सरकारी टीका है। इससे लोग कोरोना से सुरक्षित रहेंगे। महिला समाज पर धीरे-धीरे जागरूकता का असर हुआ और उनका डर कम हुआ। पिंकी व ख़ुशबू ने जातीय नेताओं और पंचायत प्रतिनिधियों से भी बात की। इसका असर धीरे-धीरे सामने आने लगा। लोग समझने लगे कि टीकाकरण सभी के सुरक्षित है एवं कोरोनावायरस से सुरक्षा के लिए ही है। परिणामस्वरूप वैक्सीनेशन अभियान में धीरे-धीरे लोगों की भागीदारी बढ़ने लगी। वर्तमान समय में लोग बढ़-चढ़कर टीकाकरण अभियान में भाग ले रहे हैं।

 

टीकाकरण में अधिक लोगों की उपस्थिति एवं अनुकूलता को देखकर दुबारा जमालपुर पंचायत में दुबारा टीकाकरण कैंप लगवाया गया। और उस दिन खुशबू और पिंकी दोनों सुरक्षा प्रहरी ने अपना टीका पहले लगवाया। जिसको देखकर पंचायत के 120 लोगों ने टीका लगवाया। टीका कर्मी भी उत्साहित हो गए। टीका के बाद दोनों सुरक्षा प्रहरी लगातार टीका लिए हुए व्यक्तियों का हाल- चाल जानने जाते रहे और उनका अनुभव दूसरे को सुनते रहे। साथ ही “मैंने टीका ले लिया – आप भी ले लो टीके रहोगे सुरक्षित’’ वाला फोटो फ्रेम में टीका ले चुके लोगों का फोटो लेकर उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को दिखाया। यह एक बेहतर पहल थी जो लोगों को जोड़ने में सफ़ल साबित हुयी। जिससे लोगों में टीकाकरण के प्रति काफी विश्वास बढ़ा। उसके बाद से दो और टीकाकरण कैंप यहाँ लगाए गए हैं। जिसमें लोगों की पूर्ण सहभागिता भी देखी गयी।

 

कोविड-19 की दूसरी घातक लहर को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए कई उपाय किए हैं। सरकारी प्रयासों में सहयोग देते हुए यूनिसेफ ने अपने पार्टनर एनजीओ, बिहार सेवा समिति, आगा खान ग्रामीण सहायता कार्यक्रम (भारत) और घोघरडीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ के सहयोग से दरभंगा सहित सुपौल, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्णिया और सीतामढ़ी के ग्रामीण इलाकों में ‘सुरक्षाग्रह’ पहल शुरू की है जो लगभग 36 लाख आबादी को कवर कर रही है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *