मुख्य सचिव ने की लोक शिकायत निवारण के मामलों की की समीक्षा।

दरभंगा: मुख्य सचिव बिहार आमिर सुबाहनी की अध्यक्षता में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बिहार के सभी जिलों में की जा रही सुनवाई एवं मामलों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई ।

बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव-सह-मिशन निदेशक, बीपीएसम बी. राजेन्दर ने बताया कि लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत अब तक 10 लाख 15 हजार 628 मामले आए हैं, जिनमें से 09 लाख 86 हजार 559 यानी 97 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया गया है।

अपर मिशन निदेशक प्रतिमा एस वर्मा ने बताया कि लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत राजस्व से संबंधित परिवाद कुल 02 लाख 17 हजार 074 मामले यानी 21 प्रतिशत मामले प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने बताया कि राजस्व से संबंधित 36 प्रकार की सेवाओं के लिए आवेदन प्राप्त होते हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा 33 प्रतिशत मामले अतिक्रमण के एवं 18 प्रतिशत भू-लगान से संबंधित एवं 13 प्रतिशत मामले भू-मापी के रहते हैं।

बताया गया कि अतिक्रमण के मामले में जहां भी अंचलाधिकारी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, वहां कार्रवाई सुनिश्चित करवाई जाए।

अपर मिशन निदेशक ने बताया कि 60 कार्य दिवस से अधिक के केवल 30 मामले बचे हुए हैं।

लोक प्राधिकार सुनवाई के दौरान उपस्थित रहते हैं, अनुपस्थित का प्रतिशत बहुत कम 3.39 प्रतिशत है।

वैसे अंचलाधिकारी जहाँ राजस्व से संबंधित सुनवाई के मामले अधिक लंबित है, उन्हें चिन्हित किया गया है। 117 मामले में कार्रवाई की अनुशंसा जिला स्तर से प्राप्त हुई है।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारी को सुनवाई के उपरांत पारित आदेश के अनुपालन के लंबित मामलों की समीक्षा स्वयं करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनता दरबार के मामलों का निष्पादन अति शीघ्र किया जाए।

बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा तथा सभी जिलाधिकारी ऑनलाइन उपस्थित थे।

दरभंगा एनआईसी से जिलाधिकारी राजीव रौशन,अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी राजेश झा राजा, सहायक समाहर्ता सूर्य प्रताप सिंह, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता शामिल थे।

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