दरभंगा।जिले के बहेड़ी प्रखंड के निमैठी पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में भाड़ी गबन का मामला फिर एक बार लोगों को सकते में डाल दिया है।इससे पहले बहेड़ी के प्रखण्ड के पूर्व प्रमुख विजय कुमार सिंह ने प्रभारी डीएम को 11 लोगों के विरुद्ध आबेदन दिया था जिस आबेदन पर जांच कर बहेड़ी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के आबेदन पर बहेड़ी थाना में कांड अंकित किया। उक्क्त कांड में 5 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई ।पुनः विजय कुमार सिंह ने डीएम दरभंगा को आबेदन दे कर कहा है कि इस पंचायत में अब भी 80 से 100 लोगों के नाम से मुखिया पति एवं पंचायत समिति सदस्य सह प्रखण्ड उप प्रमुख साकिर ने अपने सगे संबंधियों के नाम से फर्जी तरीके से राशि हरफ लिया है।आबेदन कर्ता का कहना है कि बर्तमान में प्रखण्ड प्रमुख साकिर ने अपने निकटतम सगे संबंधियों के नाम पर 25 से 30 मृत एवं गांव से बाहर रह रहे लाभार्थियों के नाम पर राशि डकारा लिया है।और मुखिया पति तो दर्जनों के नाम पर निकासी कर चुका है।पंचायत के आवास योजना को पूरी तरह जांच हो तो आंकड़ा शतक पार कर जाएगा।पहला कांड के उद्द्भेदन के बाद रोहित कुमार ने भी डीएम को आबेदन दिया था जिसमे आरोप लगाया है कि उनके मृतक पिता के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना से ज्ञानी साह के नाम पर 40 हजार की निकासी कर लिया जबकि इनका पिता ज्ञानी साह की मृत्यु 22 जुलाई 2019 को ही हो गया ।
बता दें कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में इस पंचायत के अजय ठाकुर, नुनु मुखिया, रघु मंडल, संजु देवी, रीझन सहनी, फुलैला देवी, घुरनी देवी, बुलो राय, दुर्गा देवी, रामपरी देवी व गोविंद सहनी का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी के रूप में चयनित किया गया था ।परन्तु इन गरिबों के नाम से इस योजना की मिलने वाले लाखों रूपये मुखिया माधवी कुमारी के पति शशि कुमार, ससुर सुशील कुमार सिंह, भगिना अभिषेक कुमार सिंह सहित सुमित कुमार सिंह, रमण कुमार सिंह, ललिता देवी, रंजीत कुमार, कामनी कुमारी, सुकन ताॅती व सिया देवी ने अन्य परिजनों के साथ अपने- अपने बैंक खाता व आधार कार्ड का स्कैनिंग कर हड़प लिए।आश्चर्य की बात तो यह है की इतने बड़े फर्जीबाड़ा की भनक साजिशकर्ताओं ने किसी को लगने नहीं दी ।वर्तमान में 5 निर्दोष लोग जेल की हवा खा रहा है जबकि असली साजिशकर्ता अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है और आजाद हो कर घूम रहा है लोगों में चर्चा है कि साजिशकर्ता अपने पैरवी व पैसे के बल पर अब भी बाहर घूम रहा है जबकि पुलिस उन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जो इस खेल को समझ भी नही पाया था।ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर पुलिस असली साजिश कर्ता को क्यों नही गिरफ्तार कर रही है।क्या कमजोर लोगों के लिए ही कानून है और रसूखदार के लिए कानून नही ।