महिला सशक्तिकरण को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त यशस्वनी संस्था ने दरभंगा में किया शंखनाद।

दरभंगा । दरभंगा में पहली बार महिलाओं के संयुक्त यशस्विनी संस्था के द्वारा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से प्रथम महिला सम्मेलन का आयोजन दरभंगा के आकाशवाणी रोड स्थित सीतायन सभागार में रचना विभा झा व अपर्णा झा के अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
मुख्य अतिथि के तौर पर अपने संबोधन में मिस ग्लोबल बिहार आराधना कोमल ने कहा कि मिथिला की भूमि पर संयुक्त यशस्विनी संस्था के द्वारा ये जो पहल की गई है वह अत्यंत सराहनीय है। आज महिलाओं के सामने आत्मनिर्भर होना सबसे बड़ी चुनौती है। लड़कियों के साथ दोयम दर्जे के व्यहार को अब स्त्री शक्ति सहन नहीं कर सकती है और अब हम पुरुषों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर समानता की बात नहीं करेंगे बल्कि अब हम कई मामलों में पुरूषों से आगे हैं और इस बात को समाज को भी स्वीकार करना होगा।
दरभंगा की जानी-मानी स्त्री व प्रसूति रोग डॉ० गुंजन त्रिवेदी शुक्ला ने कहा कि माता सीता की जन्मभूमि के रूप में मिथिला को जाना जाता है और इस भूमि की पहचान शक्ति के उपासना केंद्र के तौर पर भी है। दुनिया का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जिसमें महिलाओं ने अपनी प्रतिभा के दम पर झंडा नहीं गाड़ा है लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं के साथ वेतन में भी असमानता का व्यवहार किया जाता है। भारतीय क्रिकेट को ही ले लीजिए, यहां भी पुरुष व महिला खिलाड़ियों को एक समान वेतन भुगतान नहीं किया जाता है। आज मिथिला में महिलाओं के सामने बहुत सारी संभावनाएं हैं और मैं संयुक्त यशस्विनी संस्था से निवेदन करूंगी की स्वास्थ्य शिक्षा एवं रोजगार की संभावनाओं को लेकर महिलाओं को खास करके ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुक बनाएं।
भाजपा नेत्री मीना झा ने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में भी महिलाओं को काफी संघर्ष करके अपना मुकाम बनाना होता है, महिला आरक्षण हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और इसको देकर कोई हम पर एहसान नहीं कर रहा है। हम इस देश की आधी आबादी हैं और इसलिए हर अवसर पर हमारा समान अधिकार है। मैं अपील करती हूं कि महिलाएं आत्मनिर्भर होकर सामने आएं और अपने हक की लड़ाई लड़ें।
कांग्रेस नेत्री पूनम झा ने कहा कि मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस दल से आती हूं उसकी राष्ट्रीय अध्यक्षा एक महिला ही हैं। महिला सिर्फ ममता की मूर्ति नहीं होती है बल्कि महिला के अंदर चट्टान जैसी ताकत भी होती है। ये एक महिला की सहन शक्ति ही होती है कि वो अपने घर को भी संभालती है और बाहर निकलकर नौकरी व्यवसाय में भी सफलता प्राप्त करती है। मैनेजमेंट का जो गुण महिला के अंदर होता है वो किसी पुरुष में संभव नहीं, बस जरूरत इस बात की है महिला अब खुद को अबला नहीं माने।
दौरान संयुक्त यशस्विनी संस्था की  अनुपम झा,  नन्दनी कुमारी , अपर्णा झा, बिट्टू मिश्रा व प्रिया मिश्रा “पुतुल” ने संयुक्त रूप से बताया कि यह आयोजन महिलाओं का, महिलाओं के लिये व महिलाओं के द्वारा आयोजित किया जा रहा है। महिलाएं के इस आहूत सम्मलेन से समाज में महिला उत्थान को लेकर काफी बदलाव आएगी और धरातल से लेकर सोशल मीडिया आदि तक आवाज बुलंद होगी। अब मिथिला क्षेत्र की बेटियां भी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उड़ान भरने को तैयार है। हम महिला अधिकारों को लेकर काफी सजग हैं। हमारी संस्था अब मिथिला क्षेत्र के घर-घर जाकर बहु-बेटियों की आवाज बनेगी। हम दहेज प्रथा, बाल-विवाह, महिला उत्पीड़न, महिला शिक्षा व महिलाओं के सामाजिक-राजनीतिक अधिकार को लेकर सबों को जागरूक करेंगे साथ ही आने वाले समय में यह संस्था महिला अधिकारों को लेकर समाज की शोषित, दबी-कुचली व उत्पीड़ित महिलाओं की आवाज बनकर खड़ी होगी।
हिमांशी ठाकुर का कहना हैं संयुक्त यशस्विनी संस्था जो एक मात्र संस्था है, जिसमें संस्था का मुख्य उद्देश्य है। नारी को मिले उचित सम्मान।
वही बिट्टू मिश्रा का कहना हैं कि हमारे संस्था का प्रथम उद्देश्य एकता अखण्डता व महिला सशक्तिकरण है। महिलाओं में शिक्षा के भावना को जागृत करना जिससे वें अपने संविधान के मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य को समझ सकें तथा प्राचीन विरासत की चेतना को विकसित करना।
राजनन्दनी झा कहती हैं जो महिलाएं विभिन्न प्लेटफाॅर्म पर रहकर विभिन्न तरह कि विकासात्मक कार्य कर रही हैं,उन महिलाओं में एकता स्थापित कर आधी आबादी के लिए एक -दूसरे के प्रति मदद की भावना विकसित करना,और उन्हें एक जुट कर एक विकास की नई सामाजिक दिशा दिया जाना।
वहीं गुड़िया शाह कहती हैं कि यह समूह जमीनी स्तर की राजनीतिक एवं सामाजिक उद्देश्यों से ओतप्रोत हैं, साथ ही इसका मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति को जगाना है।
पल्लवी झा ने मंच से आवाज बुलंद कर कहा कि यह मुहिम के लिए कोई सीमित क्षेत्र नहीं होगा भले ही आज हमारे मुहिम की शुरूआत दरभंगा-मधुबनी और सीतामढी से की जा रही है, लेकिन इस मुहिम को पूरे भारत वर्ष में लें जाया जाएगा।
वहीं अपर्णा झा नें मुखर आवाज में कहा महिला उद्यमी किस तरह से समाज को आगे बढ़ाने में काम करेंगी और उनको किस तरीके से समाज की प्रणालियों से लड़ कर आगें बढ़ाया जाए और वें किस तरीके से समाज में स्थापित होकर रोज़गार और देश के विकास में सहयोग करेंगी! सत्ता एवं सेवा के क्षेत्र में यदि कोई भागीदारी लेती हैं, तो उसकी मदद हमारी प्राथमिकता होगी जिससे महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।
खुशबू वत्स व नेहा पाठक का कहना हैं की घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, यौन शोषण इत्यादि जैसे कुकृत्य घटना में यह समूह प्रखरता के साथ आवाज बुलंद करेगी और उस बहन-बेटी महिला के साथ मजबूती से खड़ा रहने की प्रयास करेगी।
रचना विभा झा का कहना हैं कि सोशल मिडिया/व्यक्तिगत द्वारा जो समाज के बहन, बेटी एवं महिलाओं का जो चरित्र दोहन किया जाता है, ऐसे तुच्छ एवं असामाजिक तत्व के विरुद्ध यह समूह जमीनी और कानूनी दोनों प्रकार की लड़ाई लड़ेगी! प्रिया मिश्रा पुतुल कहती हैं यह समूह महिलाओं को कला साहित्य, संस्कृति- सभ्यता के सामाजिक परिवर्तन के मुद्दों पर जागृत करेगा।
गायका रचना झा का कहना है कि हमारा समूह दहेज प्रथा, बाल विवाह तथा भ्रूण हत्या के खिलाफ एक जागरूकता अभियान की शुरुआत करेगा। वहाँ अतिथियों नें संबोधित करते हुए कहा कि हम महिलाओं को समझना होगा कि हम आदि शंकराचार्य को पराजित करनेवाली विदुषी भारती, अंतरिक्ष विजेता कल्पना चावला, प्रथम आईपीएस किरण बेदी, निःस्वार्थ समाज सेवी मदर टेरेसा तथा परम् विदुषी गार्गी, मैत्रेयी की विरासत हैं, हम कर्म करेंगे और हम कर्तव्यपथ पर सदैव जीतेंगे। इस संस्था के द्वारा टेनिस प्लेयर पूजा चौरसिया सहित कई लड़कियों को साम्मानित किया गया.!
लगभग में 150 से ऊपर महिलाएं उपस्थित रही।
कार्यक्रम की शुरुआत में पल्लवी झा एवं हिमांशी ठाकुर के द्वारा प्रवेश द्वार पर स्वागत किया गया। दीप प्रज्वलन में मीना झा, बेबी यादव, अनुपम झा, बिट्टू मिश्रा, रचना झा, आराधना कोमल एवं दीप शिखा ने शिरकत किया। दीप प्रज्वलन के बाद जय जय भैरवी असूर भयावनी के सामूहिक गान में राजनंदनी झा, अपर्णा झा, गुड़िया शाह, खुशबू वत्स, हिमांशी ठाकुर और नेहा पाठक ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के तौर पर मिस ग्लोबल बिहार आराधना कोमल ने शिरकत किया। इसके अलावा दरभंगा की प्रसिद्ध गायनोकोलॉजिस्ट डॉ गुंजन त्रिवेदी शुक्ला, भाजपा नेत्री मीना झा, कांग्रेस नेत्री पूनम झा भी उपस्थित रहे। खास बात ये है कि ये कार्यक्रम पूरी तरह से महिलाओं के द्वारा, महिलाओं के हित में और महिला से संबंधित मुद्दों पर ही केंद्रित रहा। मंच की अध्यक्षता अनुपम झा के द्वारा किया वहीं मंच संचालन बिट्टू मिश्रा के द्वारा किया गया।

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