बिहार में पैदा हुई 4-4 हाथ-पैर, 2 दिल वाली बच्ची, अफ़सोस ज़्यादा देर जीवित नहीं रह पाई बच्ची।

बच्चे भगवन की सभी रचनाओं में से सबसे सूंदर रचना में से एक हैं। बच्चे वाकई भगवान् की देंन हैं जिसे मिल जाये उस पर भगवन की कृपा और जिसे ना मिलेवो भगवांन के इस आर्शीवाद से वांछित रह जाता हैं। लेकिन कभी कबार कुछ बच्चे अपने में इतने खास और अलग होते हैं कि उन्हें समझ पाना या पहचाना मुश्किल ही हो जाता हैं। सारण शहर के एक निजी नर्सिंग होम में एक महिला ने 4 हाथ और 4 पैर वाली एक बच्ची को जन्म दिया। यह बच्ची सारण के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। बताया जा रहा है कि इस विचित्र बच्ची का जन्म बीती रात हुआ था, लेकिन जन्म के महज 20 मिनट बाद ही उसकी मृत्यु हो गई।

बता दें कि बीती रात प्रिया देवी को छपरा के श्याम चक में संचालित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। यहां उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। इस बच्ची के 4 हाथ और 4 पैर थे।

जन्म के बाद उसे देखने वाले डॉक्टर भी हक्का-बक्का रह गए। बच्ची में सामान्य से अधिक अंग थे. चार कान, चार पैर, चार हाथ तो बाहर से ही दिख जा रहे थे। मेडिकल जांच में पता चला कि उसके शरीर में दो हार्ट व दो रीढ़ की हड्डी थी। देखते ही देखते इसकी जानकारी अस्पताल में तेजी से फैल गई। इसके बाद प्रसूता वॉर्ड में विचित्र बच्ची को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। बच्ची की जन्म के बाद अस्पताल के कर्मचारी भी हैरान थे। ऑपरेशन से पैदा हुई इस बच्ची की मौत जन्म के 20 मिनट बाद हो गई।

परिजनों के अनुसार, प्रिया पहली बार गर्भवती हुई थीं। पर 9 महीने का समय पूरा होने के बाद भी प्रसव न होने से लोग परेशान थे। डॉक्टर ने जांच के बाद ऑपरेशन करवाने की सलाह दी। तब परिवार और प्रिया की रजामंदी से ऑपरेशन किया गया। फिलहाल प्रिया स्वस्थ हैं, हालांकि बच्ची की मौत की पीड़ा मां के चेहरे पर है. फिलहाल प्रिया चिकित्सकीय देख रेख में हैं।

डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ऐसे बहुत कम केसेज होते हैं। ऐसा तब होता है जब गर्भाशय में एक ही अंडे से दो बच्चे बनते है। इस प्रक्रिया में समय रहते दोनों अलग हो गए तो जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं। वहीं किसी कारणवश दोनों अलग नहीं हो पाए तो फिर उस ऐसे बच्चे का जन्म होता है। ऐसी स्थिति में बच्ची के जन्म के समय गर्भवती महिला को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस महिला के साथ भी यही हुआ. महिला की अधिक परेशानी को देखते हुए चिकित्सकों ने ऑपरेशन के माध्यम से बच्ची का जन्म कराया. लेकिन नवजात बच्ची को बचाया नहीं जा सका।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *