बिहार में अडानी को चुनावी मुद्दा बनाएगी आरजेडी,  दिग्गज पार्टी नेताओं ने दरभंगा में दिए संकेत

बिहार में अडानी को चुनावी मुद्दा बनाएगी आरजेडी, दिग्गज पार्टी नेताओं ने दरभंगा में दिए संकेत

अडानी अनाज भंडारण यूनिट के उद्घाटन से पहले आरजेडी जांच दल पहुंचा दरभंगा

जमीन छिने जाने से व्यथित किसानों को न्याय दिलाने तक संघर्ष का एलान

संजय मिश्र के कलम से
दरभंगा।चुनावी मुद्दों की खोज जारी है. आरजेडी ने संकेत दिया है कि वो अडानी के बिहार में निवेश में सरकारी तंत्र की दरियादिली को लेकर हमलावर रहेगी. बुधवार 6 दिसंबर 2023 को आरजेडी का जांच दल दरभंगा जिले के जाले क्षेत्र के सहसपुर पंचायत के जोगियारा गांव पहुंचा. जहां अडानी ग्रुप की ओर से अनाज भंडारण यूनिट निर्माण में किसानों से ज्यादती के आरोपों की पड़ताल की. वहां से लौटने के बाद लहेरियासराय के सर्किट हाउस में देर शाम प्रेस मीट कर जांच दल के सदस्यों ने दावा किया कि किसानों से घोर अन्याय हुआ है.

पूर्व विधान सभा स्पीकर उदय नारायण चौधरी ने कहा कि ऊंचे दाम का प्रलोभन देकर जमीन कब्जा किया गया. उन्होंने बताया कि कई किसानों ने उनकी जमीन जबरन ले लेने की बात कही है. उन्होंने दावा किया कि किसानों से 12 लाख प्रति कट्ठा देने का वादा किया गया जबकि किसानों के खाते में डेढ़ लाख रुपए ही दिए गए. जो कि सरकारी रेट से भी बहुत कम है.

वरिष्ठ नेता वृषण पटेल ने कहा कि आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने जांच कमिटी बनाई. उन्होंने आरोप लगाया कि तमाम अनियमितता में स्थानीय सीओ, स्थानीय एसएचओ और रजिस्ट्री ऑफिस के प्रधान अधिकारी की भूमिका संदेह के घेरे में है. पटेल ने हुंकार भरी कि किसानों को न्याय दिलाने तक आरजेडी संघर्ष करेगी. इशारों इशारों में संकेत दिए गए कि अधिकारियों की मनमानी को स्थानीय विधायक का सह है.

आरजेडी बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के वरीय उपाध्यक्ष और जांच दल के सदस्य पी के मिश्र किसानों से सरोकार रखने वाले इस मुहिम के अगुआ हैं. उन्होंने कहा कि संघर्ष जारी है. जल्द ही महादलित आयोग और एससी एसटी आयोग की तरफ से दो टीमें निर्माण स्थल का दौरा करेगी. उन्होंने बताया कि निर्माण के बाद अडानी ग्रुप इस प्रोजेक्ट का एफसीआई के साथ अनुबंध करवाएगी. 28 एकड़ जमीन में फैले इस प्रोजेक्ट में 65 किसानों की जमीन आई है. अनाज भंडारण यूनिट 50 लाख मेट्रिक टन क्षमता वाला होगा. सियासी गलियारों में चर्चा है कि आरजेडी स्थानीय विधायक के सामने पी के मिश्र को चेहरा बना सकती है.

शीर्ष नेताओं से जब पूछा गया कि सरकार उन्हीं की तो कार्रवाई क्यों नहीं तो जवाब संतोषजनक नहीं आया. दिलचस्प है कि अधिकारियों पर तो भड़ास निकाली गई लेकिन आरजेडी शीर्ष नेता इस बात के जिक्र तक से बचते रहे कि जाले अडानी प्रोजेक्ट निर्माण के विभिन्न कालों में नीतीश ही सीएम रहे हैं. रोचक है कि पूरे बिहार में कई जगहों पर अडानी ग्रुप निवेश कर रही है. ये देखना बाकि है कि क्या आरजेडी का अडानी विरोध केरल, राजस्थान और बंगाल ब्रांड सियासत जैसी होगी?

प्रेस मीट में तनवीर हसन, फैयाज आलम, जिलाध्यक्ष उदय शंकर यादव और महिला नेत्री यास्मीन खातून मौजूद रहे.

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