बिहार के इतिहास में पहली बार मिथिला की धरती दरभंगा में हुआ छात्रा संसद का आयोजन।

दरभंगा।बिहार के इतिहास में पहली बार मिथिला की धरती पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समायोजन में ‘छात्रा संसद’ का आयोजन आज कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में किया गया।
विद्यार्थी परिषद के छात्रा संसद में पारित हुआ प्रस्ताव डब्ल्यूआईटी को बनाया जाए जानकी के नाम पर बनाया जाए देश का पहला महिला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ।

डब्ल्यूआईटी दरभंगा की शुरुआती स्थिति को आगे भी बहाल रखने के विषय पर मिथिला की जानकी सदृश बेटियों ने स्वयं को स्वावलंबी बनाने वाले इस संस्थान की शुद्धता को बरकरार रखने की जरूरत पर बल दिया। प्रधानमंत्री के ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ वाक्य को सफलता का सूत्र मानते हुए आज की ऐतिहासिक छात्रा संसद ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया कि महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (डब्ल्यूआईटी) दरभंगा की विशेष अद्यतन स्थिति को बहाल रखते हुए स्वावलंबन, कौशल विकास और स्त्री सशक्तिकरण की प्रतिमूर्ति जानकी के नाम पर डब्ल्यूआईटी दरभंगा को देश का प्रथम महिला राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अर्थात वीमेंस आईआईटी के तौर पर विकसित, संरक्षित और संवर्धित किया जाए।

आज की इस ऐतिहासिक छात्रा संसद की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के साथ एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक पूर्व राष्ट्रपति स्व० ए पी जे अब्दुल कलाम एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्व० डॉ० मानस बिहारी वर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ शुरुआत की गई एवं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ० पूनम सिंह प्रोटेम स्पीकर के रुप में किया। सदन की नेता के तौर पर जया सिंह, विपक्ष की नेता के तौर पर ऋचा मृणाल और वक्ता के तौर पर डॉ० ममता कुमारी, संजना कुमारी, प्रिया सिंह, खुशबू कुमारी, अंकित झा, मानसी, प्रीति कुमारी, अमृता राय और निशी कुमारी उपस्थित हुईं। कार्यक्रम का संचालन पूजा कश्यप ने किया। इस छात्रा संसद के माध्यम से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल एवं ज्वलंत समस्या डब्ल्यूआईटी के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ करने पर सभी वक्ताओं ने पक्ष एवं विपक्ष में अपना अपना विचार प्रोटेम स्पीकर के समक्ष व्यक्त किया। छात्रा सांसद में प्रिया सिंह नामक सांसद ने कहा कि मिथिला सभ्यता के साथ-साथ गौरवशाली अतीत एवं वैभवशाली विरासत को संजोए हुए भारती, अहिल्या, गार्गी, भामती जैसी विदुषियों की धरती रही है। यह धरती नारी सशक्तिकरण का संदेश पुरातन काल से विश्व को दे रही है। इस संदर्भ में यहां का डब्ल्यूआईटी संस्थान नारी सशक्तिकरण के मार्ग को प्रशस्त कर रहा है, इस छात्रा संसद में अंकिता नामक सांसद ने कहा कि डब्ल्यूआईटी संस्थान भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सृजित एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्वर्गीय डॉक्टर मानस बिहारी वर्मा तत्कालीन कुलपति डॉ० राजमणि प्रसाद सिन्हा सहित अनेक शिक्षाविद द्वारा सिंचित किया गया है, यहां से शिक्षा प्राप्त कर अनेक छात्राओं ने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश विदेश में मिथिला विश्वविद्यालय सहित इस संस्थान का नाम रोशन किया है, यहां डब्ल्यूआईटी जैसे संस्थान पर कुठाराघात यहां का विद्युत समाज एवं मनीषियों के सपनों पर चोट प्रदान करने जैसा है, इसके पक्ष में जया सिंह , सुषमा झा, खुशबू झा, अंकिता , पुजा कुमारी, संजना सिंह सहित अनेक छात्रा सांसदों ने अपने विचार रखे।
दूसरी ओर इस संसद में मानसी कुमारी नामक सांसद ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि डब्ल्यूआईटी संस्था में छात्राओं के साथ छात्रों की भी पढ़ने की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि यह संस्थान एक नई दिशा को प्राप्त कर सके, इस छात्रा संसद में विपक्ष के रूप में रिचा कुमारी नामक सांसद ने कहा कि यह संस्थान अभी घाटे में चल रहा है एवं विश्वविद्यालय प्रशासन इसके प्रति उदासीन है। यहां सुविधाओं का अभाव है, जिस कारण से यह निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन पर छोड़ देना चाहिए जिससे कि वर्तमान में सह शिक्षा प्रणाली को अपनाकर यह संस्थान आगे बढ़ सके सहित अनेक छात्रा सांसदों ने इसके विपक्ष में अपना विचार प्रस्तुत किया।
अंत में इस अभिभाषण पर छात्रा सांसदों ने प्रोटेम स्पीकर के समक्ष वोटिंग का प्रस्ताव रखा जिसपर प्रोटेम स्पीकर ने वोटिंग कराने पर सहमति जताई तत्पश्चात ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित किया गया कि भूतकाल के निर्णय को वर्तमान के परिपेक्ष में देखते हुए यह छात्रा संसद स्वर्णिम भविष्य की परिकल्पना के संग आज यह प्रस्ताव पारित करती है कि महिला प्रौद्योगिकी संस्थान दरभंगा की अद्यतन स्थिति को बहाल रखते हुए इस संस्थान को कौशल विकास और नारी सशक्तिकरण की पर्याय भुमिजा जानकी के नाम पर देश में प्रथम महिलाओं के लिए महिलाओं को समर्पित महिला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीमेंस आईआईटी) के तौर पर इस संस्थान को संरक्षित संवर्धित और प्रोन्नत किया जाए।
इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर विद्यार्थी परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ० ममता कुमारी, डॉली कुमारी, लिली कुमारी, शीतल कुमारी, निशी कुमारी, प्रीती कुमारी, शैलजा सक्सेना, नेहा कुमारी, राखी कुमारी, दिव्या झा, अनुपम कुमारी, समेत सैकड़ों छात्राएं उपस्थित थी।
कार्यक्रम के संयोजन में जिला संयोजक उत्सव पराशर, विभाग संयोजक सुमित सिंह, अनुपम कुमार, अनूप कुमार, हरिओम झा, सूरज ठाकुर, अमित शुक्ला, कौशल झा, राघव झा, राहुल सिंह, रौशन कुमार, अमित वात्सल, सुमन सिंगाहिनिया, वागीश झा, शशि यादव समय विद्यार्थी परिषद के दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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