“बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध”- श्याम।
विश्व बाल अधिकार दिवस के अवसर पर पर्यवेक्षण गृह दरभंगा में बच्चों को संबोधित करते हुए बिहार सेवा समिति के प्रोजेक्ट टीम लीडर श्याम कुमार सिंह ने बाल अधिकारों की चर्चा करते हुए बच्चों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 1989 को बाल अधिकार समझौता पत्र पर 190 देशों के प्रतिनिधियों ने बाल अधिकारों को मान्यता दी। यह बाल अधिकारों पर प्रथम अंतरराष्ट्रीय समझौता है जिसे कानूनी मान्यता है। पहली बार इसके द्वारा बच्चे को परिभाषित किया गया कि प्रत्येक वह व्यक्ति जिसने 18 वर्ष की उम्र न पूरी की हो वह बच्चा है। बच्चों को इस अंतरराष्ट्रीय समझौता द्वारा चार मुख्य प्रकार के अधिकार दिए गए हैं, जैसे जीवन का अधिकार, विकास का अधिकार, भागीदारी का अधिकार और संरक्षण का अधिकार।
बच्चों के संरक्षण की जिम्मेवारी परिवार, समाज और सरकार सबकी है। इस बारे में जानकारी का विस्तार अभी सीमित है इसे व्यापक स्तर पर ले जाने की आवश्यकता है। चाइल्डलाईन दरभंगा द्वारा समन्वित इस कार्यक्रम में बच्चों ने रंगोली बनाकर, नीली रोशनी से पर्यवेक्षण गृह को सजाकर और नीले गुब्बारे फुलाकर अपनी खुशी प्रकट की और कहा कि आज हमारे अधिकारों का जन्मदिन है। उन्होंने एक दूसरे को बधाईयां भी दी। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि संगम के जिला अध्यक्ष ललित झा, महासचिव सुधीर कुमार सिंह, सचिव डा चंद्रमोहन पोद्दार एवं श्री शंभू नारायण चौधरी ने भी बच्चो को संबोधित किया। मंच संचालन चाइल्डलाइन दरभंगा के संयोजक श्री रविन्द्र कुमार ने किया। पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक श्री शशिकांत सिंह ने सबका धन्यवाद ज्ञापन किया।