दरभंगा । विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र विभाग एवं इतिहास विभाग में दैनिक पारिश्रमिक पर कार्यरत कृष्ण कन्हैया चौधरी के कुकृत्य के कारण विश्वविद्यालय को शर्मसार होना पड़ा है ।
विदित हो कि लखनऊ विश्वविद्यालय के एक सेवानिवृत्त अर्थशास्त्र के प्राध्यापक पी एच डी की मौखिकी के सिलसिले में गत 20 सितंबर को अर्थशास्त्र विभाग पधारे।21 सितंबर के बिहार संपर्क क्रांति सुपर फास्ट एक्सप्रेस से वापसी यात्रा थी।मौखिकी के उपरांत यात्रा देय के साथ वापसी टिकट की फोटोकॉपी संलग्न करने के लिए उक्त कर्मी ने मूल टिकट लिया और उसकी दो फोटोकॉपी कराकर एक देय के साथ संलग्न किया,मूल अपने पास रखा और दूसरी फोटोकॉपी प्राध्यापक को पकड़ा दी जिसे मूल समझकर उन्होंने पास रख ली।कृष्ण कन्हैया चौधरी ने दरभंगा स्टेशन जाकर टिकट वापस कर राशि हस्तगत कर ली।प्राध्यापक निर्धारित कार्यक्रमानुसार 21 सितंबर की संपर्क क्रांति में सवार हुए ।टिकट जांच के क्रम में टी टी ई ने बताया कि टिकट की वापसी हो चुकी है ।गाड़ी तब तक मुजफ्फरपुर पहुंच चुकी थी ।सेवानिवृत्त प्राध्यापक को गाड़ी छोड़नी पड़ी ।परेशान हाल रात्रि में दरभंगा आये।कुलपति से विपदा कही।कुलपति सन्न रह गए ।कुलसचिव प्रो.मुश्ताक अहमद को विधिमान्य कार्रवाई के लिए निर्देशित किया ।उक्त कर्मी को काम से तो हटा ही दिया गया है, विश्वविद्यालय थाने में उसके विरुद्ध धोखाधड़ी की प्राथमिकी भी दर्ज करवाई जा रही है ।