दरभंगा से गिरफ्तार हुआ पटना गांधी मैदान बम ब्लास्ट का आरोपी मेहरे आलम।

दरभंगा। 27 अक्टूबर 2013 को पटना की गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की सभा में हुई थी बम ब्लास्ट। ज्ञात हो कि भाजपा की ओर से आयोजित हुंकार रैली को तत्कालीन गुजरात के सीएम व बीजेपी की ओर से पीएम के उम्मीदवार 27 अक्टूबर 2013 को संबोधित करने पहुंचे थे। इसी दौरान पटना जंक्शन पर सुबह साढ़े नौ बजे तथा उसके बाद सिलसिलेवार गांधी मैदान में कई धमाके हुए थे। जिसमें करीब छह लोगों की मौत हो गई थी और करीब 90 लोग जख्मी हो गए थे। इस मामले में एनआईए की टीम ने हायाघाट प्रखंड क्षेत्र के सिधौली निवासी मेहरे आलम को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद गिरफ्तार मेहरे की निशानदेही पर 29 अक्टूबर 2013 को एनआईए की टीम मुजफ्फरपुर छापेमारी में गयी थी। लेकिन मेहरे एनआईए को चकमा देकर फरार हो गया था। एनआईए की टीम ने इस मामले में मुजफ्फरपुर नगर थाना में कांड संख्या 612/13 दर्ज किया था लेकिन तब से वह फरार चल रहा था।

एपीएम थानाध्यक्ष शिव कुमार यादव के मुताबिक मेहरे आलम पटना गांधी मैदान और पटना जंक्शन पर हुए बम ब्लास्ट के आरोपी मोनू का करीबी है। जबकि मोनू समस्तीपुर जिले का रहनेवाला था तथा वह दरभंगा में रहकर पॉलिटेक्निक का पढ़ाई करता था। इसी दौरान दोनों की मुलाकात एक लाइब्रेरी में हुई और दोनों में दोस्ती हुई।

इस मामले में एनआईए ने 21 अगस्त 2014 को 11 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। जिसके बाद नवंबर 2021 में एनआईए की कोर्ट ने 9 आरोपियों को दोषी करार दिया था। इनमें से 4 आतंकी हैदर अली, नोमान अंसारी, मुजीबुल्लाह अंसारी और इम्तियाज आलम को फांसी की सजा और दो दोषियों को उम्र कैद के अलावे 2 दोषियों को 10 – 10 साल की सजा और एक दोषी को सात साल की सजा सुनाई गई है।

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