न्यूज डेस्क: बेतिया में घर में घुसे बाघ का 7 घंटे बाद रेस्क्यू कर लिया गया है। बाघ को टीम ने ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा है। जंगल से भटक कर बाघ गांव में पहुंच गया था। यहां सुबह करीब 5 बजे बाघ घर में घुस गया और महिला पर हमला किया। महिला ने भागकर अपनी जान बचा ली, लेकिन घर में तीन बच्चे भी मौजूद थे।
वन विभाग की टीम को इसकी सूचना दी गई। सबसे पहले स्थानीय लोगों और वन विभाग की टीम की मदद से बच्चों को घर से बाहर निकाला गया। इसके बाद पूरे घर को जाल से घेरा गया। 60 से ज्यादा कर्मचारियों की मदद से बाघ को रेस्क्यू कर लिया गया है।
घटना गौनाहा प्रखंड के रूपवालिया गांव की है। बाघ कमलेश उरांव के घर में घुसा था। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। लोगों में दहशत थी।
इस घटना पूरी कहानी बताते हुए डीएफओ प्रद्युमन गौरव ने बताया कि सुबह 5 बजे के करीब जानकारी मिली थी कि एक घर में टाइगर घुस गया है। इसके बाद मंगुराहा रेंज अफसर और हमारी रैपिड रिस्पॉन्स टीम मौके पर पहुंची। पता चला कि वहां एक मिट्टी के घर में बाघ छिपा हुआ था। वहां 3 बच्चे भी थे, उन्हें ग्रामीणों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
इसके बाद हमने पूरे घर को नेट और कपड़े से चारों तरफ से घेर दिया। पहले हमने कोशिश की कि एक रास्ता खोल कर टाइगर को जंगल की तरफ जाने दिया जाए।
जंगल यहां से एक किमी की दूरी पर है, लेकिन करीब 2 घंटों की मशक्कत के बाद भी वह नहीं निकला। लकड़ी के एक ढेर के नीचे जाकर बैठ गया।
इस वक्त तक दिन चढ़ गया था, तब उसे खुले में निकलने देना आम लोगों के लिए खतरनाक हो सकता था। इसके बाद हमारी वेटनरी टीम और डॉक्टरों ने उसे ट्रैंकुलाइज करने का निर्णय लिया।
11:50 बजे के करीब उसे ट्रैंकुलाइज किया गया। फिर उसे यहां मंगुराहा ले आए हैं। अभी उसका मेडिकल एसेसमेंट किया जा रहा है। आईडी की जांच हो रही है।
ये एक मेल है, इसकी उम्र 10 साल है। बाघ की हेल्थ ठीक रही तो फिर से जंगल में छोड़ दिया जाएगा। नहीं तो सीनियर अधिकारी इस पर डिसीजन लेंगे।
बाघ VTR वन इलाके के मंगुराहा से निकलकर सुबह 5 बजे गौनाहा पहुंचा था। मंगुराहा वन इलाके से गौनाहा की दूरी करीब 3 किमी है। बाघ इस दौरान टहलते हुए रूपवालिया गांव के कमलेश उरांव के घर में घुसा। वहां उसने कमलेश की पत्नी पर हमला बोल दिया। हालांकि कमलेश की पत्नी जान बचाकर वहां से भाग निकली।