दरभंगा : मिथिला विश्वविद्यालय तथा फिनलैंड के विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक आदान- प्रदान हेतु एमओयू पर विचार- विमर्श।

फिनलैंड के शिक्षाविद् मार्क्कू लेम्मेट्टी दंपत्ति ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह के कार्यालय आकर मिथिला विश्वविद्यालय तथा फिनलैंड के विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक आदान- प्रदान हेतु एमओयू हस्ताक्षर हेतु विस्तृत विचार- विमर्श किया। प्रोफ़ेसर दंपत्ति ने बताया कि मिथिला विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाएं सराहनीय हैं तथा मानव संसाधनों की भी कमी नहीं है। इसलिए यदि फिनलैंड के विश्वविद्यालयों और मिथिला विश्वविद्यालय के बीच एमओयू साइन होता है तो इसका लाभ मुख्य रूप से इस विश्वविद्यालय को मिल सकेगा। कुलपति कक्ष में अतिथियों का पाग- चादर से सम्मान किया गया। कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने आइक्यूएसी निदेशक डा ज्या हैदर को निर्देशित किया कि उक्त मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच एमओयू हस्ताक्षर की संभावना को देखें।
कुलसचिव प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं सांस्कृतिक विरासत के साथ ही क्षेत्रीय विशेषताओं से अतिथि द्वय को अवगत कराया। इस अवसर पर विज्ञान के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो शिशिर कुमार वर्मा, डा अवनि रंजन सिंह, प्रो अशोक कुमार मेहता, डा ज्या हैदर, डा दिवाकर झा, डा आनंद मोहन मिश्र आदि से शिक्षाविद् दंपति ने विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यालयों में जाकर मिले तथा यहां की कार्य- संस्कृतियों से अवगत हुए। ज्ञातव्य है कि अतिथि प्रोफेसर फिनलैंड के कन्फेडरेशन फॉर एकेडमिक प्रोफेशनल्स ट्रेड यूनियन लॉयर के सेवानिवृत्त निदेशक तथा फिनिश इंडिया फ्रेंडशिप सोसायटी के अध्यक्ष भी हैं। फिनलैंड विश्व में शिक्षा के क्षेत्र में एक मानक राष्ट्र है, जिसका कारण यह है कि वहां गुणवत्तापूर्ण एवं शोधपरक शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

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