डब्ल्यूआईटी दरभंगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ पीएम के “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व सीएम के “बालिका शिक्षा” के ड्रीम प्रोजेक्ट पर कुठाराघात:- डॉ० आदित्य नारायण मन्ना

दरभंगा:- डब्ल्यूआईटी दरभंगा में कोएजुकेशन में शामिल करने का विरोध पूरे जिला में हो रहा है। विभिन्न छात्र संगठन भी लगातार इसका विरोध कर रहा है। जिला परिषद उपाध्यक्ष सह जदयू नेत्री ललिता झा, जदयू जिलाध्यक्ष सह बेनीपुर विधायक प्रो० विनय कुमार चौधरी उर्फ “अजय”, प्लुरल्स सुप्रीमों पुष्पम प्रिया चौधरी व प्लुरल्स महासचिव अनुपम सुमन भी डब्ल्यु आई टी पहुंचकर इसका विरोध दर्ज कर चुके है।
इसी कड़ी में आज सीनेट सदस्य सह भाजपा के पूर्व महामंत्री डॉ० आदित्य नारायण मन्ना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मिथिला मां जानकी की भूमि है। यहां नारी शक्ति की पूजा होती है। यहां के विदुषी नारियों ने विश्व को अध्यात्म, संस्कृति एवं शैक्षणिक क्षेत्र में दशा एवं दिशा दी है। जिसका जीता जागता स्वरूप भारती, मैत्री, गार्गी व अहिल्या समेत अनेक-अनेक विदुषियों का इतिहास में वर्णन है, जो मिथिला क्षेत्र से आती है। यहां प्रसिद्ध विद्वान वैज्ञानिक तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सृजित एवं तत्कालीन राज्यपाल सरदार बूटा सिंह एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटित एवं शिक्षाविद तत्कालीन कुलपति डॉ० राजमणि प्रसाद सिन्हा एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ० मानस बिहारी वर्मा सहित अनेक विद्वान शिक्षाविदों द्वारा पोषित यह संस्थान ने अपने नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्रदान की है। आज जैसा कि विदित हो कि विगत कुछ दिनों से डब्ल्यूआईटी दरभंगा के मूल स्वरुप से छेड़छाड़ की बातें सामने आ रही है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के “बालिका शिक्षा” जैसे ड्रीम प्रोजेक्ट पर कुठाराघात है।
अतः मिथिला विश्वविद्यालय के विद्वान व कुलपति से विनम्र आग्रह है कि डब्ल्यूआईटी दरभंगा के मूल स्वरूप को यथावत रहने दिया जाय एवं आमजनमानस डब्ल्यूआईटी दरभंगा को पल्लवित, पोषित एवं संरक्षित करने में भी अपना योगदान दें जिससे मिथिला की पौराणिक नारी सशक्तिकरण की परंपरा विद्यमान रह सकें।

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