जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर 13 से 25 सितंबर तक चल रहा परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा

दरभंगा । कोरोना संक्रमण के बीच जनसंख्या स्थिरीकरण तथा परिवार नियोजन कार्यक्रम को आयाम देने के लिए जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा मनाया जा रहा है| जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर दंपतियों को उचित परामर्श दिया जा रहा है। सिविल सर्जन अनिल कुमार ने बताया कि जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक योग्य दंपतियों को ऑपरेशन के लिए जागरूक किया जाएगा। उन्हें परिवार नियोजन के फायदे के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि छह से 12 सितंबर तक जिले में दंपति संपर्क पखवाड़ा चला। 13 से 25 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा चलेगा। 27 सितंबर को भौतिक सत्यापन के बाद रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।
सारथी रथ से लोगों को किया जा रहा है जागरूक :
आमजनों में परिवार नियोजन के जागरूकता को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनूठी पहल की गयी है। परिवार नियोजन की महत्ता की जानकारी व सलाह देने के लिए सारथी रथ चलाया जा रहा है। आरव फाउंडेशन की ओर से दिए गए बैटरी स्वचालित 18 ऑटो को विभिन्न प्रखंडों में प्रचार- प्रसार के लिए घुमाया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न उपायों एवं जागृति के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र से जानकारी दी जा रही है। यह सारथी रथ विभिन्न प्रखंडों में सुबह 10:00 बजे से शाम तक हर गली मोहल्लों एवं चौक चौराहों से गुजरते हुए लोगों को परिवार नियोजन को लेकर जागृत कर रही है। पिछले 12 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालय से सारथी रथ को रवाना किया गया था। सिविल सर्जन ने बताया जनसंख्या स्थिरीकरण बहुत जरूरी है। देश के विकास में इस पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। इसमें सभी लोगों की भागीदारी ज़रूरी है। इस दिशा में कार्य करते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागृत किया जा रहा है। इसके लिए सभी प्रखंडों में सारथी रथ के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के बारे में जानकारी मिलेगी, ताकि लोग इससे लाभान्वित होकर देश की प्रगति में योगदान दे सकें ।
परिवार नियोजन के उपायों को जानें:
•महिला नसबंदी एक स्थायी साधन है जिसे मात्र 15 मिनट में दक्ष चिकित्सक द्वारा किया जाता है| या विधि प्रसव/ गर्भपात के 7 दिन के अंदर या 6 सप्ताह बाद अपनाया जा सकता है|
•पुरुष नसबंदी भी एक स्थायी साधन है जिसे मात्र 10 मिनट में दक्ष चिकित्सक द्वारा बिना चीड-फाड़ के किया जाता है जिसमें 1 घंटा बाद लाभार्थी की छुट्टी भी हो जाती है| यह विधि कभी भी अपनायी जा सकती है एवं इससे किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं होती है|
•कॉपर-टी एक अस्थायी विधि जिससे बच्चों के जन्म में अंतर रखा जा सकता है| कॉपर- टी विधि 10 वर्षों एवं 5 वर्षों के लिए अपनायी जा सकती है| कॉपर-टी निकलवाने के बाद प्रजनन क्षमता तुरंत वापस आ जाती है|
•गर्भनिरोधक गोली माला-एन एक सुरक्षित हार्मोनल गोली है जिसे महिला को एक गोली प्रतिदिन लेनी होती है| माहवारी शुरू होने के 5 वें दिन से गोली की शुरुआत करनी चाहिए| स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रसव के 6 माह तक इस गोली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए|
• अंतरा एवं छाया दोनों परिवार नियोजन की नवीन अस्थायी विधियाँ हैं | अंतरा एक सुई है जो तीन माह तक प्रभावी रहती है| लंबे समय तक सुरक्षा के लिए हर तीन महीने में सुई लगवानी होती है| जबकि छाया एक गोली है जिसे सप्ताह में एक बार तीन महीने तक, फिर सप्ताह में केवल एक बार जब तक बच्चा न चाहें।

नसबंदी कराने पर मिलती है प्रोत्साहन राशि:
जिला सामुदायिक उत्प्रेरक संजय कुमार ने बताया
•नसबंदी कराने वाले लाभार्थी को 3000 रुपये
उत्प्रेरक को 400 रुपये
•प्रसव के तुरंत बाद बंध्याकरण कराने पर लाभार्थी महिला को 3000 रुपये
उत्प्रेरक को 400 रुपये
•पीपीआईयूसीडी बंध्याकरण पर लाभार्थी को 2000 रुपये
एएनएम को 150 रुपये
आशा को 150 रुपये,
•प्रसव पश्चात कॉपर टी लगवाने पर 300 रुपये,
•गर्भपात उपरांत कॉपर टी लगवाने पर लाभार्थी को 300 रुपये,
•अंतरा प्रति सुई लगाने पर प्रति लाभार्थी 100 रुपये
की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

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