छात्राओं का सर्वांगीण विकास ही मेरा लक्ष्य:- डॉ० हंसदा।

दरभंगा। विश्वविद्यालय गृह विज्ञान विभाग में क्राफ्ट मेला कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ० दिव्या रानी हंसदा की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न हुआ।
पहले चरण में राखी मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें 21 प्रतिभागियों में 18 प्रतिभागियों ने भाग लिया जबकि 3 प्रतिभागी अनुपस्थित रहे। जिसमें छात्राओं ने विभिन्न प्रकार का स्टॉल लगाया। स्टॉल में पैट 2020 की शोधार्थी नंदिनी कुमारी की तरफ से मिथिला पेंटिंग, शाहिस्ता प्रवीण की तरफ से ऊनी डिजाइन, ममता कुमारी की तरफ से होम डेकोरेशन, वर्षाना व वैदेही की तरफ से बेड सीट, ग्लास पेंटिंग, स्वेटर आदि, नंदिनी की तरफ से मिक्की आर्ट, क्विलिंग आर्ट व एमबास पेंटिंग आदि, कंचन कुमारी कर्ण की तरफ से मिथिला पेंटिंग, इंदु कुमारी की तरफ से कपड़े से बना डिजाइन, दीप्ति कुमारी की तरफ से अनाज रंगोली व बटर फ्लाई, संजू कुमारी की तरफ से राखी, कंचन कुमारी की तरफ से टेबल क्लॉथ, पॉट व पेंटिंग आदि, अन्नू कुमारी स्नेहा की तरफ से फेब्रिक व मिथिला पेंटिंग और वंदना कुमारी की तरफ से एब्स्ट्रैक्ट, फेब्रिक व ऑयल पेंटिंग का स्टॉल लगाया गया था। जिसमें क्रमशः प्रथम पुरुस्कार के लिये पैट 2020 के गृह विज्ञान की मनीषा कुमारी, द्वितीय पुरुस्कार के लिये पैट 2020 के गृह विज्ञान की वर्षाना कुमारी व तृतीय पुरुस्कार के लिये समाजशास्त्र विभाग की तृतीय सेमेस्टर की छात्रा ललिता कुमारी चुनी गयी। जजेज की भूमिका में इंग्लिश विभाग की प्रो० पुनीता झा, समाजशास्त्र विभाग की प्रो० लक्ष्मी कुमारी व संस्कृत विभाग की प्रो० ममता स्नेही उपस्थित थी।
दूसरे चरण में मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 29 प्रतिभागियों में 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया जबकि 9 अनुपस्थित रहे। जिसमें क्रमशः प्रथम पुरुस्कार के लिये समाजशास्त्र विभाग की तृतीय सेमेस्टर की छात्रा अंजली भारती, द्वितीय पुरुस्कार के लिये गृहविज्ञान विभाग के प्रथम सेमेस्टर की शाहिस्ता प्रवीण व तृतीय पुरुस्कार के लिये पैट 2020 की गृह विज्ञान की छात्रा वर्षाना कुमारी चुनी गई। जजेज की भूमिका में अंग्रेजी विभाग की प्रो० अरुणिमा सिन्हा, समाजशास्त्र विभाग की प्रो० मंजू झा व प्रो० सारिका पांडे उपस्थित थी।
इस बाबत अपने संबोधन में विभागाध्यक्ष डॉ० दिव्या रानी हंसदा ने कही कि मिथिला विश्वविद्यालय की छात्राओं व महिला शोधार्थियों का सर्वांगीण विकास ही मेरा लक्ष्य है। मिथिला विश्वविद्यालय की बेटियां भी अब राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उड़ान भर रही हैं जिसकी रफ्तार और तेज होगी। छात्राओं व महिला शोधार्थियों का स्किल डेवलपमेंट ज्यादा से ज्यादा हो। इसके लिये विभाग सदैव तत्पर है और समय-समय पर विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन करता है ताकि हमारी बेटियों की उड़ान हर क्षेत्र में सदैव अव्वल हो और वो महिला सशक्तिकरण का नायाब उदाहरण बन सके।
इस कार्यक्रम में सभी विभागीय शिक्षिका व शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे।

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