चाणक्य एवं सम्राट अशोक जयंती पर मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए दरभंगा के सांसद।

मुम्बई के कांदिवली (पूर्व ) में जनमानस विकास फांउडेशन द्वारा सेंट लॉरेंस मैदान में आयोजित चाणक्य एवं सम्राट अशोक जयंती समारोह में सांसद गोपाल जी ठाकुर ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपा शंकर सिंह , बीजेपी प्रदेशध्यक्ष सम्राट चौधरी, संदीप यूनिवर्सिटी के चेयरमैन संदीप झा ,संजय उपाध्याय सहित कई गणमान्य समारोह में उपस्थित थे।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने आचार्य चाणक्य और सम्राट अशोक की जयंती कार्यक्रम को समारोह रूप में मनाने के लिए विकास फाउंडेशन की टीम को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि बिहार की जब- जब दुनिया में कहीं चर्चा होगी तो आचार्य चाणक्य और सम्राट अशोक के चर्चा के बिना वह अधूरी रह जाएगी। आचार्य चाणक्य के महान ज्ञान और नीतियों के लिए और अशोक सम्राट के शौर्य पराक्रम और कुशल शासन को पूरे विश्व में एक गौरवशाली और ऐतिहासिक रूप में याद किया जाता है।

सांसद ने कहा बिहार में मिथिला की धरती से आए हैं। यहां धरती से जगत जननी मां जानकी का प्राकट्य हुआ था, जहां प्रभु श्री राम दूल्हा बन मां जानकी से विवाह के लिए आए थे। जहां, साक्षात महादेव उगना के रूप में बाबा विद्यापति के यहां उनके लिखे सुंदर भजन सुनने को चाकरी करने के लिए अवतरित हुए थे,जो भूमि दीनाभद्री, राजा सल्हेश, मंडन मिश्र, वीर लोरिक, बाबा नागार्जुन की धरती है।

उन्होंने कहा कि 22 मार्च को बिहार राज्य का 111 वां स्थापना दिवस मनाया गया है। देश के आर्थिक राजधानी में इतने विद्वान और बुद्धिजीवी लोगों के बीच इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बहुत ही प्रसन्नता हो रही है‌‌। यह बहुत ही गर्व की विषय है कि बिहारवासी दुनिया में जहां भी रहते हैं अपने राज्य के नाम और पहचान का डंका बजाने में पीछे नहीं रहते और अपने राज्य के महान विभूतियों को सम्मान देने में अग्रणी रहते हैं। अपने गौरवशाली इतिहास और अपने जीवन संस्कृति के लिए बिहार पूरे विश्व में एक अलग स्थान रखता है।

श्री ठाकुर ने कहा कि विश्व का पहला गणतंत्र देने वाला वैशाली भी बिहार का एक प्रमुख क्षेत्र है, दुनिया को गणित का ज्ञान देने वाले आर्यभट्ट भी बिहार के महान विभूति थे, सिख धर्म के 10 में और अंतिम गुरु गोविंद सिंह की जन्म स्थली भी बिहार ही है। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद भी बिहार से ही थे, बंधुगण बिहार वह धरती है जहां आचार्य चाणक्य के मार्गदर्शन में चंद्रगुप्त मौर्य ने मौर्य साम्राज्य की स्थापना की और जिस वंश का सम्राट अशोक महान अखंड भारत पर लंबे समय तक राज किए। आचार्य चाणक्य और सम्राट अशोक ऐसे महान विभूति थे, जो अपने बुद्धिमता और क्षमता से भारतीय इतिहास की धारा ही बदल दी। इतने सदी बीतने के बाद भी आचार्य चाणक्य का सिद्धांत और नीति अभी भी प्रासंगिक है और सम्राट अशोक के जन कल्याणकारी शासन व्यवस्था और निस्वार्थ भावना से किए गए आम जनमानस के लिए मानव कल्याण के कार्य अभी भी एक महान शासक के रूप में उदाहरण है।

साथ ही सांसद श्री ठाकुर ने कहा की वर्तमान समय में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अपने जनकल्याणकारी योजना और सबका साथ और सबका विकास के मूल मंत्र के साथ देश के सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों का सर्वांगीण विकास कर रहे। सभी क्षेत्रों में विकास के नए आयाम लिखने के साथ भारत पुनः कैसे विश्व गुरु बने इसके लिए लगातार प्रधानमंत्री दिन में 18 से 20 घंटे मेहनत कर रहे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार विभिन्न विकास के परियोजनाओं के माध्यम से बिहार को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है लेकिन दुख इस बात का है कि बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नितीश कुमार लगातार केंद्र प्रायोजित योजना को राजनीतिक कारणों की वजह से अटकाने का कार्य कर रहे।

श्री ठाकुर ने कहा कि नीतीश कुमार ना केवल तुष्टीकरण की नीति पर आधारित शासन व्यवस्था का संचालन कर रहे बल्कि यहां के करोड़ों आम जनमानस से उनका हक छीनने का भी पाप कर रहे। बिहार पुनः जंगलराज की ओर अग्रसर हो रहा कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई। रामनवमी जैसे महापर्व में विभिन्न जिलों में हुए दंगे इसके जीवंत उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दरभंगा में बिहार राज्य को दूसरा एम्स, दरभंगा में एयरपोर्ट, असम दरभंगा बिहार का प्रथम एक्सप्रेस वे, उचैठ भगवती से महिषी तारा स्थान भारत माला से सड़क और भेजा के निकट देश के सबसे बड़े पुल का निर्माण कार्य, जनकपुर जयनगर रेल परिचालन का शुरुआत, अयोध्या से जनकपुर भाया सीतामढ़ी रामजानकी फोरलेन पथ, समस्तीपुर दरभंगा रेल दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण दरभंगा सहरसा नई रेल मार्ग पर रेल परिचालन 88 वर्ष बाद दो भाग में विभक्त हुए मिथिला का एक भाग में होना, दरभंगा रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए चयन करना, कोसी रेल महासेतु जिसका शिलान्यास पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी ने किया था उसका उद्घाटन करना, गोरखपुर सिलीगुड़ी नया एक्सप्रेस वे के निर्माण को हरी झंडी देना, दरभंगा में आईटी पार्क का और तारामंडल का निर्माण कराने जैसे अनेकों कार्य प्रधानमंत्री के माध्यम से दरभंगा मिथिला सहित बिहार को प्राप्त हुए हैं। इससे आम जनमानस सीधा लाभ उठा रहे हैं और आने वाले समय में उनकी जीवन शैली में ऐतिहासिक परिवर्तन आएंगे।

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