कब तक करेंगे चिरौरी, चुनावी रण में पान समाज दिखाएगा शक्ति – आई पी गुप्ता
25 हजार मेंबर लाएं और इंडियन इंकलाब पार्टी से एमएलए का टिकट पाएं
चुनावी गठबंधन के खुले हैं रास्ते
संजय मिश्र
दरभंगा
हर बीतते दिन बिहार विधान सभा चुनाव 2025 का परिदृष्य रोचक होता जा रहा है। सालों से बिहार के निवासियों के मन मस्तिष्क में पैठ बनाए दो सियासी गठबंधन के अलावा नए राजनीतिक दलों की एंट्री हो रही है। इस कड़ी में ताजी हवा के झौंके की तरह चुनावी रण में उतरी आई आई पी यानि इंडियन इंकलाब पार्टी लोगों के चित को झकझोर रही है। खास कर पान समाज की उम्मीदें उद्वेलित हो रही हैं। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार 6 जुलाई 2025 को दरभंगा में दिखा।
लहेरियासराय के पोलो ग्राउंड ऑडिटोरियम में आई आई पी सुप्रीमो आई पी गुप्ता के उद्बोधन से पान समाज (तांती ततवा समूह) के लोग स्पंदित हुए जा रहे थे। त्रिशंकु जैसी स्थिति में पहुंच गए इन समाज के आरक्षण का मुद्दा के लिए अनवरत संघर्ष को नया आयाम देते हुए इनने महसूस किया है कि लक्ष्य खातिर चुनावी रास्ता अख्तियार करना जरूरी है। आई पी गुप्ता ने इसे स्वर देते हुए कहा कि अब तक दूसरों को शक्ति देते आए। संख्या बल और उसकी संचित ऊर्जा का उपयोग अपने लिए क्यों न हो। पान समाज की पटना रैली की धमक पूरे बिहार में गूंजी और सियासतदां ने सुनी आई पी गुप्ता की दहाड़।
दहाड़ की जगह अब ले ली है रणनीति ने। बिहार के अन्य हिस्सों की तरह दरभंगा का पान समाज चुनावी मोड में प्रवेश करने को उतावला है। आई आई पी सुप्रीमो आई पी गुप्ता ने कहा कि चुनाव को देखते हुए दरभंगा में समीक्षा बैठक की है। जन संवाद फ्रूटफुल रही। उन्होंने साफ किया कि आई आई पी किसी न किसी गठबंधन का हिस्सा होगी।
पार्टी की नजर दरभंगा जिले के बेनीपुर, बहादुरपुर और हायाघाट विधान सभा क्षेत्र पर रिवेटेड है। नजर टिकना स्वाभाविक है। इन विधान सभा क्षेत्रों में 50 हजार से ऊपर है पान समाज की आबादी। जिले में कम से कम 3 लाख से अधिक है लक्ष्य समूह। गुप्ता ने कहा कि जिले के आठ विधान सभा क्षेत्र में पान समाज की अच्छी खासी आबादी है। करीब 25 हजार से 40 हजार के बीच है यह संख्या। उन्होंने दावा किया कि पान समाज में दरभंगा जिले की एक ढर्रे पर चलती जा रही राजनीति को पलटने की क्षमता है।
अभियान से राजनीतिक पार्टी बनाने तक के सफर का दर्द बयां करते हुए आई पी गुप्ता ने कहा कि अब तक दूसरों को मजबूत बनाने में लगे रहे। आश्वासनों के सिवा क्या मिला? लिहाजा इस बार खुद चुनाव मैदान में उतरेंगे। सदन में जाकर समाज अपनी आवाज बुलंद करेगा।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य के लिए संकल्प को परवान चढ़ाना है। उन्होंने आह्वान किया कि जितना पान का वोटर उतना मेंबरशिप लाएं। 25000 मेंबरशिप टिकट के लिए न्यूनतम अहर्ता होगी। जहां मजबूत हैं उसके लिए 60 हजार मेंबर लाएं और पार्टी का टिकट पाएं।
खुद चुनाव लड़ने के संबंध में आई पी गुप्ता ने पत्ते नहीं खोले हैं। अखिल भारतीय पान महासंघ के जिला अध्यक्ष किशोरी दास ने कहा कि पान समाज की महत्वकांक्षा से जिले के सियासी बिरादरी में कितनी हलचल मची है इसका आकलन प्रि मैच्योर है लेकिन यहां की मुख्य धारा की पार्टी के लोग सावधान हो गए हैं।

