उपर नीतीश नीचे नीतीश अलीनगर मांगे सिर्फ नीतीश
* अलीनगर में इन दिनों आपको एक ही नारा सुनाई देगा, “ऊपर नीतीश, नीचे नीतीश, अलीनगर में सिर्फ नीतीश ।
दरभंगा । बिहार विधानसभा चुनाव मे इस बार एनडीए टिकट को लेकर उस क्षेत्र मे जातीय समीकरण आधार पर रणनीति बना रही है।
जिसके तहत जातीय समीकरण, उम्मीदवार का सामाजिक पृष्ठभूमि, क्षेत्र मे उसका प्रभाव, प्रखंड स्तर तक के पार्टी नेताओं के रजामन्दी, विधानसभा मे पार्टी के द्वारा सर्वे रिपोर्ट और एनडीए के घटक दलों में उम्मीदवार के नाम पर सहमति का विशेष ख्याल रखा जा रहा है ।
मतलब साफ और स्पष्ट है कि एनडीए अपने दो सौ पच्चीस सीट का लक्ष्य को हर हाल में हासिल करना चाहता है। इसमें किसी तरह की कोई गुंजाइश बांकी नही रहने देना चाहता है, जो उसके लक्ष्य में बाधक बने।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए मे कितना उत्साह है कि उसके नेता यहाँ तक दावा कर रहें है कि शायद ही इस बार बिहार मे विपक्ष का खाता खुलेगा। यानी वो बिहार विधानसभा के सभी 243 सीट जीत लेने का दावा कर रहे हैं। जिसका आधार जातीय गणना और नीतीश कुमार का सोशल इंजीनियरिंग को माना जा रहा है, जिसे अब भाजपा सहित विपक्ष ने भी स्वीकार कर लिया है, या उसी रणनीति पर वो भी इस बार आगे बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।
स्वयं सोशल इंजीनियरिंग के मास्टर माइंड नीतीश कुमार और जदयू अपनी सीटों पर इसी रणनीति के तहत आगे बढ़ रही है। उसने टिकट देने से पहले विधानसभा मे जातीय समीकरण, उम्मीदवारों का सामाजिक पृष्ठभूमि, क्षेत्र में उसका प्रभाव, प्रखंड स्तर तक के पार्टी नेताओं की सहमति , पार्टी के सर्वे रिपोर्ट पर विशेष ध्यान दे रही है ।
अगर हम हम 81 अलीनगर विधानसभा की बात करें तो, ये पारंपरिक रूप से जदयू की सीट रही है । पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दरभंगा आगमन के बाद से इस सीट और उम्मीदवार को लेकर मंथन शुरू हो गया।
सूत्र के अनुसार अलीनगर सीट इस बार जदयू के ही खाते मे जाना तय है, इसके साथ ही नीतीश प्रभाकर चौधरी का उम्मीदवारी भी लगभग तय है। कारण वो हर उस मापदंड को पूरा करते दिखाई दे रहे है जो इस बार पार्टी ने तय किया है। जरुरी छै । अलीनगर में “ब्राह्मण मतदाता” काफी संवेदनशील माना जाता है ।वर्तमान जातिगत जनसांख्यिकी आंकड़ा को देखें तो यहाँ ब्राह्मण समुदाय सबसे बड़ा और संगठित वोट बैंक है। जिसकी संख्या आ प्रभाव समय के साथ काफी बढ़ा हुआ है। यहाँ से किसी भी दल को जीत के लिए ब्राह्मण मतदाताओं का साथ जरुरी। यदि ब्राह्मण एकजुट होकर किसी एक दल या उम्मीदवार के पक्ष मेऔ आ जाता है तो उसकी जीत लगभग सुनिश्चित हो जाता है। नीतीश प्रभाकर चौधरी इसी ब्राह्मण समुदाय से आते हैं।
ब्राह्मण के बाद यहाँ मुस्लिम मतदाता दुसरे स्थान पर आते है।
ऐसे में “मुस्लिम मतदाता” अगर साथ आ जाए तो उनकी विजय रथ को रोकना मुश्किल ही नही नामुमकिन होगा । कारण, नीतीश प्रभाकर चौधरी को लेकर ब्राह्मण के साथ ही मुस्लिम मतदाताओं में भी काफी उत्साह है। बता दें कि पिछले चुनाव में ब्राह्मण वोटर्स के संख्या 65,000 था,जो वर्तमान में 78,000 पहुंच चुकी है। वहीं मुस्लिम 42,000 से बढ़कर 52,000, यादव 22,000 से बढ़कर 35,000 हो गये हैं। इसके आलावे अगर हम यहाँ अन्य जाति की बात करें तो दलित , राजपूत, वैश्य, पासवान आदि 20,000 के करीब है, जो चुनाव मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं , फिलहाल सभी नीतीश प्रभाकर चौधरी के दिवाने लगते है।
अलीनगर में आपको एक नारा उनकी लोकप्रियता का ऐलान करता हुआ सुनाई देगा “ऊपर नीतीश, नीचे नीतीश, अलीनगर में नीतीश ही नीतीश। यानि अलीनगर की जनता नीतीश कुमार को फिर से बिहार का मुख्यमंत्री बनते हुए देखने के साथ ही अपने विधानसभा में नीतीश प्रभाकर चौधरी को कमान देना चाहती है।
पार्टी सर्वे रिपोर्ट में भी वो सबसे ऊपर हैं। पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक पार्टी के नेता उनके नाम पर सहमति जता रहे है। एनडीए स्तर पर भी उनके नाम पर किसी को कोई आपत्ति दिखाई नही दे रही है। जानकार तो यहाँ तक बताते हैं कि वो सिर्फ पार्टी सर्वे में ही नही, बल्कि एनडीए स्तर के तीनों सर्वे में भी नीतीश प्रभाकर चौधरी सबसे आगे है । इसके साथ ही नीतीश प्रभाकर चौधरी क्षेत्र में एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर हर आपदा मे बढ़ चढ़ कर जनता के सेवा मे समर्पित रहते है, जिससे उनकी बड़ी प्रतिष्ठा है। अपनी सक्रियता से एक तरफ़ उन्होंने जदयू कार्यकर्ताओं मे उत्साह जगाने का काम करते हुए विधानसभा में जदयू को काफी मजबूत किया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से भी वो लगातार संपर्क बनाएं हुए है ।
स्थानीय राजनीति समझ वालाे के अनुसार नीतीश प्रभाकर चौधरी को शीर्ष नेतृत्व सं विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने का स्पष्ट संकेत दे दिया गया है , यही कारण है कि जहां दुसरे संभावित उम्मीदवारी पटना में डेरा जमाकर गणेश परिक्रमा में लगे हुए हैं वहीं नीतीश प्रभाकर चौधरी उत्साह के साथ क्षेत्र मे जनसंपर्क और सामाजिक सेवा कार्य मे दिन रात लगे हुए है , जो उनके आत्म विश्वास और पार्टी नेतृत्व पर उनक अटूट विश्वास प्रदर्शित करता है। कुल मिलाकर अलीनगर से नीतीश प्रभाकर चौधरी हर उस आहर्ता पर खड़े दिखाई दें रहे जो उनको टिकट का प्रबल दावेदार के तौर पर पेश करता है।

