उदय शंकर यादव का दरभंगा जिला आरजेडी अध्यक्ष बने रहने का रास्ता साफ, चुनावी वर्ष में फेर बदल को उत्सुक नहीं हैं आरजेडी कर्त्ता धर्त्ता
निर्णय आरजेडी सुप्रीमो की झोली में, औपचारिक घोषणा बाकि
संजय मिश्र
दरभंगा
बुधवार 11 जून 2025। जयंती कबीर की। उनके पथ के अग्रगामी आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद का 78 वां जन्म दिवस। दरभंगा आरजेडी कार्यकर्त्ताओं और नेता में आनंद की जगह आकुलता। जी हां, जिला आरजेडी नेता और अंदर ही अंदर विधान सभा चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे उदय शंकर यादव के अध्यक्ष बनने पर आखिर आखिर तक सस्पेंस बना रहा। पार्टी डेलीगेट्स के मन की बात आब्जर्वर बन कर आए समस्तीपुर विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन की पार्टी को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में कैद हो गई।
रसूख रखने वाले पार्टी सूत्रों ने इस संवाददाता से कहा कि रिपोर्ट में एक ही व्यक्ति की सिफारिश हुई है। आरजेडी सांगठनिक चुनाव के लिए बुधवार को लहेरियासराय में पार्टी डेलीगेट्स के अलावा अन्य नेता जुटे। उन्होंने अपनी राय रखी। जिसे बकायदा नोट किया गया। बाद में आब्जर्वर ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि रिपोर्ट भेजी जा रही है। सवालों के जबाव के बीच उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की विशेष परिस्थिति छोड़ राय है कि जिलों के मौजूदा नेतृत्व पर भरोसा किया जाए।
इससे पहले एक स्थानीय विवाह भवन में जिला अध्यक्ष उदय शंकर यादव के नेतृत्व में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन पर नेताओं ने केक काटकर एक दूसरे को खिलाया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष उदय शंकर यादव ने कहा कि शोषित वंचित समाज के एकमात्र नेता लालू प्रसाद यादव हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के मूल स्वरूप की रक्षा का गुरुत्तर दायित्व आरजेडी पर है। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में युवा नेता तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दरभंगा के सभी कार्यकर्ता कमर कस चुके हैं। उन्होंने कहा कि अपने 17 महीने के अल्प कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री रहते हुए तेजस्वी प्रसाद यादव ने 5 लाख बेरोजगारों को रोजगार दिया है। अगर बिहार में उनकी सरकार बनती है तो गरीबों को मान सम्मान के साथ-साथ युवाओं को रोजगार मिलेगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन अमरेश कुमार अमर ने किया। वहीं मौके पर अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ कुमार गौरव, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव शत्रुघन यादव उर्फ पन्ना यादव, सुवंस यादव, सुभाष चन्द्र रॉय, सुभाष पासवान, सुशील पासवान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। खास बात रही कि इतनी अहम बैठक में इलाके का कोई कद्दावर नेता नहीं पहुंचा।

