आवेदक के खिलाफ एसएसपी को सामूहिक आवेदन, उगाही करने का लगाया आरोप

दरभंगा।जिले के सिंहवाड़ा थाने में दर्ज एफआईआर के सूचक के खिलाफ उनके ग्रामवासियों ने एसएसपी को सामूहिक आवेदन दिया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि सूचक थाने में केस कर प्रभावित लोगों से राशि उगाही करते हैं। यह आवेदन सिंहवाड़ा कांड संख्या 229/22 के संदर्भ में दिया गया है।

आवेदन के माध्यम से कहा गया है कि सूचक कसीना खातून और महमूदा खातून हैं। वे पनसल्ला गांव की रहने वाली हैं। इसी गांव के अलीमुद्दीन, नूर आलम, इरशाद, विजय कुमार महतो, महताब, जाकिर आदि ने सूचक पर इस तरह के आरोप लगाए हैं। आवेदन में कहा गया है कि सूचक महिलाएं अपने अपने जमीन बेचने के नाम पर पैसे लेते हैं। और जमीन का निबंधन करने में टाल मटोल करती हैं। खरीदार निबंधन करने पर जोर देते हैं तो उनपर थाने में एफआईआर कर देते हैं।

आवेदकों का कहना है कि एफआईआर में मनगढ़ंत आरोप लगाए जाते हैं और इसमें कथित तौर पर जख्मी होने की फर्जी कहानी का उल्लेख करती हैं। आवेदन में तफसील से जमीन बिक्री और लेन देन का जिक्र है। कहा गया है कि दोनो सूचक पहले भी इस तरह की हरकत कर चुकी हैं। जिसका निराकरण ग्राम कचहरी में हुआ और कोर्ट में सुलहनामा लगाया गया।

महमुदा खातून ने अपनी जमीन बेचने के लिए रमीज साबरी से 50 हजार रुपए लिए।

आवेदन में कहा गया है कि कासिना खातून के पति अकबर हैं। अकबर के भाई अनवर हैं। अकबर और अनवर ने रमीज साबरी को अपनी जमीन बेची। अनवर की तरफ से रजिस्ट्री कर दिया गया। लेकिन अकबर की पत्नी ने अभी तक नहीं किया है। साबरी को खरीदी गई संपत्ति से अकबर ने कुछ समय बाद जबरदस्ती बेदखल कर दिया। अकबर के खिलाफ सनहा किया गया। उच्च अधिकारियों को भी इत्तला दी गई।

उसके बाद अनवर और साबरी के खिलाफ कांड संख्या 229 दर्ज हुई। इसमें महमुदा को चोटिल करने की बात कही गई। सामूहिक आवेदन में कहा गया है कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। महमुदा खातून को जलावन की लकड़ी की दुकान में चोट लगी थी।

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