दरभंगा। बहादुरपुर प्रखंड क्षेत्र के रामभद्रपुर पंचायत अंतर्गत श्रीदिलपुर के जतिन ठाकुर ने आईआईटी जेईई मेंस में 99.78 % अंक लाकर राष्ट्रीय स्तर पर डंका बजाते हुए अपना परचम लहराया है। उनके इस सफलता पर उनके परिवार के साथ-साथ रिश्तेदारों व ग्रामवासियों में भी हर्ष का माहौल व्याप्त है।
जतिन ने +2 की पढ़ाई डीपीएस ग्रेटर नोएडा से की है। +2 में भी उनके 90% से ऊपर अंक है। जतिन ने कहा कि उनका लक्ष्य 100% अंक लाना है। इस बार मैंने प्रतिदिन 12 घंटा मेहनत किया और आईआईटी जेईई मेंस में 99.78 % अंक लाया। अब मैं 15 घंटा मेहनत कर एक प्रयास और परीक्षा में भाग लूंगा और 100% अंक लाने की कोशिश करूंगा। मैंने यहां कुछ दिन कोचिंग व प्राइवेट ट्यूटर भी लिया, लेकिन मैंने सबसे ज्यादा स्वाध्याय किया। अगर आप रूटीन बनाकर स्वाध्याय करते हैं तो इसका कोई जोड़ व विकल्प नहीं है। स्वाध्याय ही एक ऐसा मूल-मंत्र है जिसके माध्यम से आप किसी असंभव लक्ष्य को भी संभव कर सकते हैं। मेरा लक्ष्य इंजीनियर बनकर गाँव, समाज, जिला व अपने वतन का सेवा करना है।
पिता हरिश्याम ठाकुर ने कहा कि “हम दो हमारे एक” नीति के तहत हमने फैमिली प्लानिंग की और जतिन की शिक्षा के लिये खुद सदैव तत्पर रहे। कब क्या पढ़ रहा है, क्या कर रहा है? साथ ही दिनचर्या तक पर प्रतिदिन अपने व्यस्ततम रूटीन के बावजूद प्रतिदिन उसके लिये समय निकालता था। आगे उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता में उसके मां-बाप के त्याग, तपस्या व उनके मानिटरिंग की भी अहम भूमिका होती है। रात में जब तक जतिन पढ़ता रहता है, मैं और मेरा पत्नी भी उतनी देर प्रतिदिन उसके पास बैठता हूँ। आज जिस उद्देश्य से गाँव से भरा-पूरा परिवार छोड़कर दिल्ली-एनसीआर में शिफ्ट किया। आज वो सपना हकीकत में बदलती हुई दिख रही है।
दादा सेवानिवृत्त शिक्षक अरुण कुमार ठाकुर ने बताया कि जतिन के बेहतर शिक्षा के लिये ही परिवार दिल्ली-एनसीआर में सेट हुआ ताकि जतिन को शिक्षा के लिये बेहतर माहौल मिल सके। आज मुझे बहुत खुशी है कि जतिन ने सफलता का नया इतिहास रचा है।
ग्रामवासियों में भी हर्ष का माहौल व्याप्त है। जतिन के सफलता पर पड़ोसी चाचा डॉ० चंदन ठाकुर ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आज श्रीदिलपुर का रत्न राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराते हुए नया कीर्तिमान रचा है। जतिन को 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समस्त ग्रामवासियों की ओर से ऐतिहासिक क्रांतिस्तंभ श्रीदिलपुर पर “श्रीदिलपुर रत्न” प्रतीक चिन्ह अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा।