अनुसूचित जाति के किसानों के जीवकोपार्जन को बढ़ावा देने के लिए प्रक्षेत्र दिवस।

अनुसूचित जाति के किसानों के जीवकोपार्जन को बढ़ावा देने के लिए प्रक्षेत्र दिवस।

जाले। प्रखंड के राढ़ी पूर्वी पंचायत के ततैला गांव में कृषि विज्ञान केंद्र, जाले द्वारा अनुसूचित जाति परियोजना से लाभ पाए किसानों के बीच कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा के नेतृत्व में प्रक्षेत्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उनकी फसलों में आने वाली समस्या के समाधान के लिए सुझाव दिए गए। भारत सरकार के अनुसूचित जाति उप योजना अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, जाले द्वारा चलाए जा रहे परियोजना के लिए ततैला गांव का अधिग्रहण 2022 से किया गया है। जिसके तहत ततैला गांव के अनुसूचित जाति के किसानों को उन्नत प्रभेदों के विभिन्न फसलों के बीच के साथ-साथ ग्रावर्वीडर अनाज कोठी वनराजा मुर्गी के चूजे मधुमक्खी पालन के लिए बॉक्स स्प्रे मशीन आदि उपलब्ध कराए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य विशेष तौर पर अनुसूचित जाति के किसानों के जीवकोपार्जन को बढ़ावा देना है। इस संदर्भ में कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर ने बताया की कृषि विज्ञान केंद्र का लक्ष्य है। ततैला गांव को अनुसूचित जाति विकास की कृषि मॉडल के रूप में विकसित करना। जिससे कि आसपास के अन्य किसान उक्त किसानों को देखकर उक्त मॉडल को अपना सके और अपना विकास कर सके। ततैला के अलावा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जाले प्रखंड के ढढ़िया, बेलबारा के भी अनुसूचित जाति के किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला के बिरौल प्रखंड के फकीरणा गांव का भी चयन किया गया है। प्रक्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम में विशेष तौर पर अमरजीत कुमार, परविंदर कुमार एवं विपिन कुमार के साथ लाभ पाए किसानों ने भाग लिया। इसके साथ इस गांव में दो दिवसीय प्राकृतिक खेती विषय पर प्रशिक्षण भी शुरू किया गया है।

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