अनुमंडल लोक शिकायत के आदेश का अनुपालन नहीं, परिवादी पहुंचे दरभंगा के द्वितीय लोक शिकायत पदाधिकारी की अदालत में
मोहन चन्द्रवंशी
दरभंगा।लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के आदेश को मकड़जाल में फसा कर कैसे न्याय से वंचित किया जाता है इस का जीता जागता उदाहरण सामने आया है बिरौल अनुमंडल से।
अनुमंडल के देवकुलिधाम डहमा के निवासी मो शमीम ( पिता – जैनुल ) सरकारी लोगों की चाल से परेशान होकर दरभंगा के द्वितीय लोक शिकायत पदाधिकारी की अदालत में पहुंचे हैं। उनकी शिकायत है कि बिरौल के अनुमंडल लोक शिकायत पदाधिकारी के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ।
आदेश में शक के लपेटे में वहां के बीडीओ भी आ गए हैं। आदेश के तहत ग्रामीण आवास सहायक और आवास पर्यवेक्षक को दोषी माना गया और बीडीओ को उनपर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करना था।
लेकिन बीडीओ ने संबंधित आवास सहायक और आवास पर्यवेक्षक पर कोई एक्शन नहीं लिया। द्वितीय लोक शिकायत अदालत के अनन्य संख्या 999937915102003764 में परिवादी शमीम कहते हैं कि बीडीओ की लापरवाही देख वे दरभंगा स्थित प्रथम अपील पदाधिकारी के यहां गए। लेकिन कोरोना काल में बिना उन्हें बुलाए मामले का निपटारा कर दिया।
मामला पीएम आवास योजना में अनियमितता से संबंधित है।
लोक प्राधिकार बीडीओ ने पत्रांक 2938 दिनांक 2 – 12 – 20 में बताया कि परिवादी ने व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया। व्यक्ति का नाम आएगा तो जांच कर ली जाएगी। बीडीओ ने मौखिक रूप से वाद के निस्तारण हेतु बार बार समय की मांग की। परिवादी कि सूची कि जांच हेतु। पत्रांक 230 दिनांक 19 -01 -21 के बीडीओ के प्रतिवेदन में लाभुकों द्वारा आधा अधूरा निर्माण की बात है। लाभार्थी निर्माण पूरा करने हेतु समय मांग रहे हैं। निर्माण नहीं होने पर लाभुकों से भुगतान राशि की वसूली करने के बारे में कहा गया है। आवास सहायक ने कहा कि लोगों ने गलत मकान दिखा कर जियो टैगिंग करवा लिया। और सहायक के प्रतिवेदन पर भुगतान हो गया। 7 लोगों को तीन किस्तों का भुगतान हुआ। सरकारी भूमि पर निर्माण दिखा कर पैसा विमुक्त हो गया। सहायक और पर्यवेक्षक ने तथ्यों को छुपाया। सहायक, पर्यवेक्षक और लाभुकों पर एक्शन नहीं हुआ तो परिवादी प्रथम अपील में गए।
प्रथम अपील में पारित आदेश में कहा कि परिवादी के फोन नंबर 9163171719 पर संपर्क नहीं हो सका और वाद का निपटारा कर लिया गया। आदेश में बताया गया कि राशि विमुक्त करने वाले आवास सहायक कि सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। जबकि आबेदक कहना है जिन आवास सहायक की मृत्यु का जिक्र प्रखण्ड पदाधिकारी बिरौल के द्वारा किया गया है उस आवास सहायक के द्वारा लाभुक को भुगतान नही कराया था।भुगतान जिस आवास सहायक पर मामला चल रहा है इन्ही के द्वारा भुगतान कराया गया है। वर्तमान आवास सहायक देकुली जगरनाथपुर को लाभार्थियों से निर्माण पूरा करवाने को कहा गया। आवास सहायक के प्रतिवेदन में कहा गया कि अब लाभार्थियों ने निर्माण पूरा कर लिया है।
परिवादी इससे संतुष्ट नहीं हैं और 8 मार्च को द्वितीय अपील में गए। इसमें उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग किए हैं।