शिशु को स्वस्थ्य जीवन देना समाज को सबसे बड़ा उपहार, स्तनपान का मोह जगाएं माताएं – अलका मिश्र

शिशु को स्वस्थ्य जीवन देना समाज को सबसे बड़ा उपहार, स्तनपान का मोह जगाएं माताएं – अलका मिश्र

शिशु को स्वस्थ्य जीवन देना समाज को सबसे बड़ा उपहार, स्तनपान का मोह जगाएं माताएं – अलका मिश्र

प्रसव के बाद स्तनपान के लिए अनुकूल माहौल दें चिकित्सक

संजय मिश्र
दरभंगा

आधुनिकता के प्रभाव में माताएं स्तनपान को अनदेखा कर रहीं हैं। जो जननी बन रहीं उनमें स्तनपान का मोह जगाने की सघन जरूरत है। यह काम प्रसव के तत्काल बाद शुरू हो जाना चाहिए। चिकित्सक स्तनपान के लिए अनुकूल माहौल दे सकते हैं। जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान प्रारंभ करना नवजात को संक्रमणों से सुरक्षा और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। स्तनपान दीर्घकालिक रूप से बच्चों की बौद्धिक क्षमता और विकास में सहायक होता है। यह बातें डीएमसीएच प्राचार्य अलका मिश्र ने शनिवार को दरभंगा में कही।

विश्व स्तनपान सप्ताह के मौके पर डीएमसीएच में आयोजित कार्यक्रम में वो बोल रही थीं। स्तनपान के लिए अनुकूल माहौल—स्वस्थ समाज की बुनियाद के थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि जन जन तक स्तनपान की खूबियों को पहुंचाने में मीडिया सहित तमाम संचार साधनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

स्थानीय एन एन एफ के अध्यक्ष डॉ मणी शंकर ने कहा कि स्तनपान माँ और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को गहरा करता है। माँ के लिए प्रसवोपरांत स्वास्थ्य लाभदायक है और कुछ कैंसरों के जोखिम को भी कम करता है। आईएपी के अध्यक्ष डॉ के एन मिश्रा ने कहा कि माताओं को उचित परामर्श, मानसिक समर्थन और स्तनपान के लिए अनुकूल वातावरण देना हर चिकित्सक का कर्तव्य बनता है। शिशु रोग के विभागाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार ने कहा कि पहले छह माह तक बिना पानी, शहद या कोई अन्य आहार के केवल माँ का दूध देना चाहिए। छह माह के बाद पौष्टिक अनुपूरक आहार के साथ कम से कम दो वर्षों तक स्तनपान जारी रखना चाहिये। कार्यक्रम में आई पी के सचिव डॉ एस सी यादव, कोषाध्यक्ष डॉ कुमार आनंद, एन एन एफ के कोषाध्यक्ष डॉ मिथलेश कुमार सिंह, डॉ अमित कुमार, डॉ चंदन कुमार झा इत्यादि ने भी शिशु विभाग में भर्ती मरीजों की माताओं से मिलकर स्तनपान के फायदे बताए।

स्थानीय एन एन एफ, आईएपी एवं शिशु विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्तनपान जागरूकता के लिए एक रैली का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व आई पी के अध्यक्ष डॉ के एन मिश्रा, एन एन एफ के अध्यक्ष डॉ मणी शंकर और शिशु रोग के विभागाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार ने किया। रैली में दरभंगा मेडिकल कॉलेज के पीजी एवं यूजी छात्र छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए बिहार राज्य नेशनल नियो नेटोलॉजी फोरम (एन एन एफ) के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ ओम प्रकाश ने अपना संदेश भेज कहा कि बिहार में हम एनएनएफ के माध्यम से जिला और राज्य स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। हर नवजात को जीवन का सबसे अच्छा आरंभ देने के लिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर माँ को स्तनपान कराने का अधिकार और समर्थन मिले। इस वर्ष की थीम: ” हमें याद दिलाती है कि स्तनपान सिर्फ एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं है, यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

कार्यक्रम के आयोजन में प्रोफेसर रिजवान हैदर ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

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