पेयजल आपूर्ति को लेकर जिलाधिकारी ने की ऑनलाइन बैठक।

पेयजल आपूर्ति को लेकर जिलाधिकारी ने की ऑनलाइन बैठक।

दरभंगा: वर्षा नहीं होने के कारण बेनीपुर, बहेड़ी, कमतौल अहियारी और बिरौल में कई ग्रामीणों द्वारा भू-जल स्तर नीचे चले जाने एवं चापाकल सूखने की सूचना पर जिलाधिकारी दरभंगा श्री राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिले में पीएचईडी एवं पंचायती राज विभाग द्वारा चलाए जा रहे जलापूर्ति योजना की स्थिति की समीक्षा की गई।

जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज ने बताया कि पीएचईडी द्वारा 322 वार्डों में नल जल योजना चलाई जा रही है, उनमें से कई वार्डों से जलापूर्ति नहीं होने की सूचना प्राप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त विभागीय निर्देश के आलोक में पंचायती राज विभाग के सभी नल जल योजना पीएचईडी को हस्तांतरित किया जाना है,अब तक 1078 वार्ड की योजना हस्तांतरित की जा चुकी है।

जिलाधिकारी ने पंचायती राज विभाग को  20 से 30 दिनों के अंदर सभी योजना को हस्तांतरित कर देने के निर्देश दिए तथा कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को योजनाओं को योजनाओं का प्रभार ले लेने का निर्देश दिया।

बैठक में बताया गया कि पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण बेनीपुर, बिरौल, बहेड़ी एवं कमतौल अहियारी के कई गाँव के ग्रामीणों द्वारा चापाकल सूखने की सूचना दी जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजना काफी प्रभावी है, इसलिए सभी योजना कार्यरत रहे, यह सुनिश्चित करना पीएचईडी की जिम्मेवारी है।

यदि कहीं भी जलापूर्ति किसी तकनीकी खराबी के कारण बाधित होने की सूचना प्राप्त होती है तो 24 घंटे के अंदर उसे ठीक कराना होगा। इसके लिए पीएचईडी को अपनी व्यवस्था सुदृढ़ करनी होगी। हर क्षेत्र के लिए प्लम्बर टैग करके रखना होगा, ताकि सूचना मिलते ही मरम्मति की जा सके।
बैठक में बताया गया कि योजना हस्तांतरित हो जाने के बावजूद भी योजना चालू रखने की जिम्मेवारी
पंचायती राज विभाग के कनीय अभियंता एवं (टी.ए.) टेक्निकल असिस्टेंट की बनी रहेगी, अनुरक्षक भी वही रहेंगे जो पहले से हैं।

जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने बताया कि कुँआं जीर्णोद्धार का कार्य पंचायतों में नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत सचिव और (टी.ए) टेक्निकल असिस्टेंट की जिम्मेवारी होगी कि वे पुराने कुँआं को चिन्हित करें और उनका जीर्णोद्धार करावें।
जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कहीं से भी नल- जल योजना बाधित रहने की शिकायत मिलने पर पीएचईडी के संबंधित अभियंता एवं जिम्मेवार कर्मी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।

बैठक में उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी आलोक राज, जिला पंचायती राज (कार्यालय) के प्रोग्रामर मनीषा कुमारी एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

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