जिले में आयुष्मान भारत कार्ड बनवाने को लेकर डीडीसी ने की बैठक, दिए आवश्यक निर्देश।

जिले में आयुष्मान भारत कार्ड बनवाने को लेकर डीडीसी ने की बैठक, दिए आवश्यक निर्देश।

दरभंगा: उप विकास आयुक्त प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई के अंतर्गत जिले में आयुष्मान कार्ड बनवाने को लेकर बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला समन्वयक विजेंद्र कुमार ने बताया कि दरभंगा जिला में 27 लाख 89 हजार 706 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनवाने का लक्ष्य निर्धारित है, इसके अंतर्गत कुल 05 लाख 99 हजार 387 परिवारों को अच्छादित किया जाना है।

वर्तमान में 03 लाख 15 हजार 497 लाभुकों का आयुष्मान कार्ड सृजित हुआ है। सबसे ज्यादा दरभंगा नगर निगम में 29 प्रतिशत, सिंहवाड़ा में 14 प्रतिशत, बिरौल में 13 प्रतिशत, बहेड़ी में 12 प्रतिशत, बेनीपुर में 10 प्रतिशत कुशेश्वरस्थान में 11 प्रतिशत कार्ड बनाए गए हैं।

उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को संबोधित करते हुए कहा कि यह सरकार की जन कल्याणकारी योजना है। एक लाभुकों को एक वर्ष के अंदर 05 लाख रुपये का इलाज कराने की गारंटी मिल जाती है। इस योजना के अंतर्गत बड़े-बड़े निजी अस्पताल भी पंजीकृत हैं, इसलिए पंचायत वार, एएनएम वार सूची लेकर जिन लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उनका कार्ड अपने कार्यपालक सहायक के माध्यम से बनवाना सुनिश्चित करें।

जिन लोगों का नाम एसईसीसी सूची में है,उन्हें अपना राशन कार्ड और आधार कार्ड लेकर जाना है। आरटीपीएस सेंटर पर भी इसे बनवाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वर्षा के दिनों में बहुत सारे निर्माण कार्य स्थगित रहते हैं, इसलिए पर्याप्त संख्या में कर्मी भी उपलब्ध रहते हैं, जिनका उपयोग आयुष्मान कार्ड बनवाने में किया जा सकता है। इस कार्ड को बनवाने के लिए लाभुक को कोई राशि नहीं लगती है।

जिला समन्वयक ने बताया कि यदि किसी कार्यपालक सहायक या वसुधा केंद्र को आयुष्मान कार्ड बनाने में कोई तकनीकी समस्या होती है तो इसके निराकरण के लिए वे आयुष्मान भारत दरभंगा के आईटी मैनेजर गुलाम साबिर जिनका मोबाइल नंबर-9264471435 है, से संपर्क कर सकते हैं।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ.अनिल कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीपीएम जीविका ऋचा गार्गी एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

वही प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी एवं बीपीएम ऑनलाइन जुड़े हुए थे।

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