डीएमसीएच में नीरा बिक्री केंद्र का हुआ शुभारंभ।

सोमवार को डीएमसीएच में संचालित जीविका की दीदी की रसोई यानी (डीकेआर) के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गयी है।

जिलाधिकारी राजीव रौशन द्वारा डीएमसीएच परिसर के पावरग्रिड कैम्पस में आठवें स्थायी नीरा बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया गया।

उद्घाटन के मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि आमजनों की उस अवधारणा को बदलने की जरूरत है, जिसमें नीरा को भी लोग ताड़ी ही समझ लेते हैं, जबकि वस्तुस्थिति बिल्कुल ही भिन्न है। उन्होंने कहा कि नीरा में विशुद्ध रूप से स्वास्थ्यवर्धक खनिज व प्राकृतिक पदार्थ प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।   इसलिए इसके सेवन से कोई हानि नहीं होती, बल्कि नीरा पीने से जीवन हीरा के समान हो जाएगा। यानी नीरा अपनाएं और सेहत बनाएं,नीरा में उपलब्ध पौष्टिक तत्व आयरन, विटामिंस, कैल्शियम, जिंक, कार्बोहाइड्रेट आदि की चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि नीरा की हर एक घूंट किसी की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए काफी है। इतना ही नहीं, मधुमेह, आँखों के विकार, कब्ज, दमा रोग, यक्ष्मा, पाईल्स, पीलीया समेत करीब सौ रोगों के निदान में नीरा का सेवन काफी मददगार है।

इसी क्रम में डीपीएम डॉ ऋचा गार्गी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि जिलाधिकारी के प्रयास से ही सूबे का डीएमसीएच एकलौता मेडिकल अस्पताल है जहां दीदी की रसोई संचालित हो रही है और अनवरत गुणवत्तापूर्ण भोजन रोगियों व उनके परिजनों को मुहैया कराया जा रहा है।
साथ ही इस उद्घाटन के बाद जिला में अब कुल 30 अस्थाई व स्थाई नीरा बिक्री केंद्र हो गया है।
उन्होंने बताया कि आज से आमजन डीएमसीएच के बिक्री केंद्र से नीरा खरीद सकते हैं।

मौके पर जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक डॉ0 ऋचा गार्गी द्वारा कार्यक्रम की बाबत दी गयी जानकारी पर डीएम महोदय द्वारा न सिर्फ तारीफ की गयी बल्कि जिला इकाई के कार्यों की सराहना भी की गई। इसी क्रम में उन्होंने डीकेआर परिसर का मुआयना भी किया और दीदी के प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया।

उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी महोदय समेत अन्य विशिष्ट जनों को नीरा से निर्मित खाद्य पदार्थों को परोसा गया। जिसकी सभी ने प्रशंसा की, कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सदर प्रखंड परियोजना प्रबंधक सिकन्दर आजम को विशेष धन्यवाद दिया गया।

कार्यक्रम में उत्पाद अधीक्षक ओमप्रकाश, जिला कृषि प्रबंधक मनोरमा मिश्रा,वाईपी तृषा कुमारी व शुभम कुमार, निशित कुणाल, चंदन कुमार,अभिनय कुमार, सुजाता कुमारी, ज्योति कुमारी मुख्य रूप से सक्रिय रहे।

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