रावण वध प्रसंग के साथ समाप्त हुआ नौ दिवसीय रामकथा।

बहादुरपुर प्रखंड के गोविंदपुर स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ।

नौवें दिन श्रीराम कथा में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का मंचन किया गया। कथावाचक बाल व्यास श्रवण दास जी महाराज ने बताया कि सूर्पनखा के पति की हत्या रावण ने की थी। इसलिए सूर्पनखा रावण का विनाश चाहती थी। भगवान राम से रावण की शत्रुता का कारण वह बनी ताकि रावण का विनाश हो। जब खरदूषण के वध होने की बात सूर्पनखा ने रावण को सुनाई तो रावण समझ गया भगवान का अवतार हो गया। सोचा तामस देह से भक्ति नहीं होगी तो मुक्ति के लिए उसने भगवान राम से बैर की युक्ति सोची। रावण को विभीषण से प्रेम था। इसलिए उसे अपमानित कर सभा से निकाल दिया ताकि लंका से दूर चला जाए और युद्ध में मारा न जाए।

कथा समापन अवसर पर आचार्य मुनीन्द्र मिश्र, पंडित रोहित झा, ऑर्गन पर दिलीप कुमार, तबला वादक महेश कुमार, नाल वादक कौशल कुमार, पैड वादक गुलशन कुमार, रौशन कुमार, मुख्य यजमान नंद कुमार चौधरी, बबलू कुमार चौधरी, परमानंद चौधरी, मुकुंद चौधरी आदि मौजूद थे।

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