फासीवादी बर्बरता के खिलाफ जनसांस्कृतिक अभियान तेज करने के लिए  रूपरेखा तैयार करने हेतु बैठक का हुआ आयोजन

दरभंगा।  जनसंस्कृति मंच बिहार राज्य कार्यकारिणी सदस्यों की एक आवश्यक मीटिंग जसम बिहार राज्य के अध्यक्ष जीतेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस मीटिंग में जसम बिहार राज्य के सचिव  दीपक सिन्हा ने पूरे राज्य भर में फासीवादी बर्बरता के खिलाफ जनसांस्कृतिक अभियान तेज करने के लिए कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि “आजादी के 75वें साल के अवसर पर 15 अगस्त से लगातार पूरे राज्य भर में फासीवादी उन्माद,उत्पात एवं दमन के खिलाफ़ जसम बिहार की ओर से जनसांस्कृतिक यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा भोजपुर से शुरू होकर पटना, बेगूसराय, समस्तीपुर, दरभंगा होते हुए मधुबनी पहुंचेगी। इस अवसर पर मुख्य-मुख्य जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं भाषणों के माध्यम से स्वाधीनता के स्वप्नों को साकार करने के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।”

मौके पर मुख्य अतिथि के बतौर उपस्थित जसम के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड मनोज कुमार सिंह ने मीटिंग को सम्बोधित करते हुए कहा कि “जसम का राष्ट्रीय सम्मेलन 8-9 अक्टूबर 2022 को रायपुर में होने जा रहा है। इस सम्बंध में जगह- जगह बैठक कर सम्मेलन की तैयारी की जा रही। इसी सन्दर्भ में आज यहां बिहार राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई। जसम के तत्वावधान में दमन, विभाजन के खिलाफ एक बड़े सांस्कृतिक आंदोलन शुरू होने जा रहा है। बिहार में इसको लेकर एक सांस्कृतिक यात्रा निकालने की योजना बन रही है। जिस तरह से देश में लेखकों, कलाकारों, पत्रकारों,मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को झूठ का पर्दाफाश करने, दमन का विरोध करने के कारण गिरफ्तार किया जा रहा, उधर राज्य सत्ता दमन का नेतृत्व कर रही है। ऐसे दौर में जरूरी हो जाता है कि सभी लेखक, कलाकार, संस्कृतिकर्मी, पत्रकार एकजुट होकर आवाज उठायें और एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करें।”

जसम राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड सुरेंद्र सुमन ने कहा कि “आजदी के 75वें साल में हमारे देश की सत्ता पे काबिज फासिस्ट हुकूमत जहाँ एक ओर पूरे देश में साम्प्रदायिक उन्माद फैला कर स्वाधीनता आंदोलन के दौर में प्राप्त जनवादी मूल्यों के साथ-साथ संविधान पर हमला कर रही है। वहीं दूसरी ओर आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का ढोंग कर रही है। वक़्त का तकाज़ा है कि तमाम प्रगतिशील एवं जनवादी सोच के लोग एकसाथ मिल कर स्वाधीनता के स्वप्न की हिफाज़त के लिए जनसांस्कृतिक अभियान तेज करें और बर्बर फासीवादी मंसूबे को चकनाचूर करें।”

इस अवसर पर जसम बिहार राज्य सहसचिव समता राय ने कहा कि ” जो सांस्कृतिक यात्रा निकाली जाएगी, उसके द्वारा हम एक नए वतन को खोजेंगे। जिसमें धार्मिक उन्माद की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और स्वतंत्रता आंदोलन के जो वास्तविक नायक रहे हैं उनको लोगों के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।”

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जसम बिहार राज्य अध्यक्ष जीतेन्द्र जी ने कहा कि “आज बिहार जसम कार्यकारिणी की बैठक हो रही है जिसमें प्रस्तावित राष्ट्रीय सम्मेलन जो 8-9 अक्टूबर, 2022 को छत्तीसगढ़ में होने जा रहा है। इसकी तैयारी के सम्बंध में बता करनी है और डेलीगेट साथियों का चयन करना है इसके अतिरिक्त अभी बिहार और देश के समक्ष जो सामाजिक-सांस्कृतिक चुनौतियां हैं उनपर विचार-विमर्श करना है। ”

इस अवसर पर जसम दरभंगा जिलाध्यक्ष डॉ. रामबाबू आर्य, उपाध्यक्ष कल्याण भारती, जिलासचिव समीर, जसम राज्य-पार्षद ग़ालिब जी, विजयेंद्र कुमार, राजू रंजन, कृष्ण कुमार, निर्मोही, रूपक कुमार, शशि शंकर, राजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।

 

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